Israel Iran War से बाजार धड़ामः सेंसेक्स 80 हजार के नीचे फिसला, डिफेंस सेक्टर और ड्रोन से जुड़े शेयरों में जबरदस्त उछाल

खबर सार :-
इजरायल-ईरान युद्ध ने भारतीय बाजार की दिशा बदल दी है। सेंसेक्स 80 हजार के नीचे फिसल गया, जबकि ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। दूसरी ओर डिफेंस और ड्रोन कंपनियों में जोरदार तेजी दिखी। आगे बाजार की चाल काफी हद तक वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी।

Israel Iran War से बाजार धड़ामः सेंसेक्स 80 हजार के नीचे फिसला, डिफेंस सेक्टर और ड्रोन से जुड़े शेयरों में जबरदस्त उछाल
खबर विस्तार : -

Israel Iran War Impact: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इजरायल–ईरान के बीच छिड़े युद्ध का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार में भारी बिकवाली दर्ज की गई। दोपहर 12:30 बजे तक BSE Sensex 1,486 अंक यानी 1.83 प्रतिशत गिरकर 79,806 पर आ गया, जबकि Nifty 50 453.35 अंक या 1.80 प्रतिशत टूटकर 24,725 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

बाजार खुलते ही निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई। भू-राजनीतिक संकट, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने मिलकर बाजार पर दबाव बनाया।

ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर बने टॉप लूजर

ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट नजर आई है। इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर पर पड़ी। बाजार में Nifty Auto का शेयर लगभग 3% टूटा। Nifty Consumer Durables में भी करीब 3% की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा Nifty Infra 2.77% नीचे आ गया। Nifty Realty 2.39% कमजोर नजर आया। वहीं दूसरी तरफ Nifty Oil & Gas के शेयरों में भी 2.30% फिसलन देखी गई। Nifty Energy 2.22% गिर गया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से ऑटो और एविएशन कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे निवेशक इन सेक्टरों से दूरी बनाते हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बड़ी टूट नजर आई। इसमें गिरावट सिर्फ लार्जकैप तक सीमित नहीं रही। Nifty Smallcap 100 362 अंक यानी 2.14% गिरकर 16,566 पर आ गया। Nifty Midcap 100 1,200 अंक यानी 2.03% टूटकर 57,914 पर पहुंच गया। वहीं छोटे और मझोले शेयरों में तेज बिकवाली इस बात का संकेत है कि बाजार में व्यापक स्तर पर जोखिम से बचने की प्रवृत्ति हावी है।

Share Market-BSE-NSE

शेयर बाजार में आज सेंसेक्स पैक की स्थिति

इजरायल-ईरान युद्ध के कारण शेयर बाजार में भी उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट का माहौल होने के बावजूद भी कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई। इसमें Bharat Electronics Limited (BEL), Sun Pharmaceutical Industries, Bharti Airtel टॉप गेनर्स की लिस्ट में शामिल रहे।

टॉप लूजर्स में शामिल शेयर

शेयर बाजार में कुछ कंपनियों के शेयर बदहाल स्थिति में नजर आये। इसमें Larsen & Toubro, InterGlobe Aviation, Maruti Suzuki, Mahindra & Mahindra, Asian Paints, NTPC, Titan Company, Infosys, State Bank of India, HDFC Bank और ICICI Bank जैसे दिग्गज शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

9 लाख करोड़ रुपये की चपत

गिरावट के चलते Bombay Stock Exchange पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 9 लाख करोड़ रुपये घटकर 454 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 463 लाख करोड़ रुपये था। यह निवेशकों की संपत्ति में बड़ी गिरावट को दर्शाता है।

सोना-चांदी चमके, कच्चे तेल में उछाल

युद्ध जैसे हालात में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं। बाजार में सोने की कीमत 3% से ज्यादा चढ़कर 5,415 डॉलर प्रति औंस और चांदी चांदी 2.70% बढ़कर 95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। वहीं, ब्रेंट क्रूड 9% उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 8% चढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे आयातक देश पर दबाव बढ़ सकता है।

Israel-Iran War-Defence Sector

डिफेंस सेक्टर में बंपर तेजी

जहां ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे, वहीं डिफेंस और ड्रोन कंपनियों में जोरदार खरीदारी दिखी। Hindustan Aeronautics Limited (HAL), Bharat Electronics Limited, Paras Defence and Space Technologies, ideaForge Technology, Tejas Networks इन शेयरों में कारोबार के दौरान 10 से 15 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। बढ़ते वैश्विक सैन्य तनाव के बीच रक्षा खर्च बढ़ने की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन, सर्विलांस सिस्टम, मिसाइल और स्मार्ट टेक्नोलॉजी की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू रक्षा कंपनियों को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।

एक्सपर्ट्स की राय

बाजार जानकारों के मुताबिक, यदि इजरायल-ईरान तनाव लंबा खिंचता है और इसमें अमेरिका व खाड़ी देश सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है। भारत पहले ही आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन पर जोर दे रहा है। ऐसे में रक्षा बजट में संभावित बढ़ोतरी से घरेलू कंपनियों को नए ऑर्डर मिल सकते हैं। हालांकि, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

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