वैश्विक तनाव के बीच सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव, निवेशकों में सतर्कता, अमेरिका-ईरान वार्ता पर नजर
खबर सार :-
वैश्विक तनाव और अमेरिका-ईरान वार्ता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में सीमित दायरे में कारोबार जारी है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। यदि सीजफायर समझौते को मंजूरी मिलती है तो कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि तनाव बढ़ने की स्थिति में सोना और चांदी फिर सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत हो सकते हैं।
खबर विस्तार : -
Gold Silver rate today: वैश्विक अस्थिरता और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, दोनों कीमती धातुएं अभी सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। निवेशकों की निगाहें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और संभावित सीजफायर समझौते पर टिकी हुई हैं, जिसके कारण बाजार में सतर्क माहौल बना हुआ है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त 2026 कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,60,903 रुपए के मुकाबले 449 रुपए टूटकर 1,60,454 रुपए पर खुला। हालांकि शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली और सुबह 10:15 बजे तक सोना 0.17 प्रतिशत की मामूली कमजोरी के साथ 1,60,622 रुपए पर कारोबार करता नजर आया।
सीमित दायरे में रहा सोना
आज शुरुआती कारोबार में सोने ने 1,60,197 रुपए का न्यूनतम स्तर छुआ, जबकि दिन का उच्चतम स्तर 1,60,962 रुपए रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की खबरों ने तेजी पर कुछ हद तक रोक लगा दी है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो सोने की कीमतों में दबाव बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल निवेशक बड़े निवेश से बच रहे हैं और बाजार में सीमित दायरे में ट्रेडिंग हो रही है।
चांदी में भी हल्की कमजोरी
सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी शुक्रवार को कमजोरी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का 3 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,69,537 रुपए के मुकाबले 1,169 रुपए गिरकर 2,68,368 रुपए पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,68,018 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,69,400 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ। बाजार खुलने के बाद चांदी में भी सीमित दायरे में कारोबार होता दिखाई दिया। विश्लेषकों का कहना है कि औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतों के चलते चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। हालांकि निवेशकों की सतर्कता के कारण फिलहाल बड़े बदलाव देखने को नहीं मिल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की तेजी
घरेलू बाजार में कमजोरी के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी में हल्की मजबूती दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना 0.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,540 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी 0.25 प्रतिशत मजबूत होकर 76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक अभी भी सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं। अमेरिका-ईरान संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर इंडेक्स की चाल का सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान 60 दिन के सीजफायर समझौते के लिए एमओयू पर सहमत हो गए हैं, हालांकि इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि इस समझौते का उद्देश्य युद्धविराम को आगे बढ़ाने के साथ परमाणु कार्यक्रम पर औपचारिक बातचीत शुरू करना है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने पर भी चर्चा की जा रही है। हाल ही में अमेरिका द्वारा दक्षिण ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले किए गए थे, जिसके जवाब में ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक अमेरिका-ईरान विवाद पूरी तरह शांत नहीं होता, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। यदि सीजफायर समझौते को मंजूरी मिलती है तो निवेशकों का रुझान जोखिम वाले एसेट्स की ओर बढ़ सकता है, जिससे सोने पर दबाव आ सकता है। दूसरी ओर, अगर तनाव दोबारा बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने और चांदी में तेजी लौट सकती है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund, छोटे उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान
2026-10-07
-
क्विक कॉमर्स की रफ्तार होगी और तेज, FY31 तक 90 अरब डॉलर का बाजार!
2026-10-07
-
अमेरिकी मसाला उद्योग की मांग, भारतीय मसालों पर टैरिफ छूट रहे कायम
2026-10-07
-
बजाज फाइनेंस FD पर बढ़ा ब्याज, सीनियर सिटिजन्स को 8.15% तक रिटर्न
2026-10-07
-
RBI का संदेश: अभी ब्याज दरों में कटौती नहीं, EMI पर बढ़ सकता है बोझ
2026-10-07
-
महंगाई का वार: RBI ने बढ़ाया रेपो रेट, कर्ज-EMI पर बढ़ेगा बोझ
2026-10-07
-
RBI MPC से पहले बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 462 अंक फिसला
2026-10-07
-
अक्टूबर में 0.25 प्रतिशत तक ब्याज दर बढ़ने का अनुमान
2026-10-06
-
टाटा संस लिस्टिंग विवाद: ट्रस्टियों के बीच बढ़ी तकरार, समाधान पर नजर
2026-10-06
-
जीएसटी परिषद की बैठक की तारीख बदली, अब 8 अक्टूबर को होगा मंथन
2026-10-06
-
सर्विसेज सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, सितंबर में PMI तीन महीने के शिखर पर
2026-10-06
-
ग्लोबल संकेतों से चढ़ा बाजार, प्राइवेट बैंकों में जमकर खरीदारी
2026-10-06
-
अमेरिका को पछाड़ भारत का नंबर-1 LNG सप्लायर बना ओमान
2026-10-05
-
GST का अगला सुधार: कारोबार आसान, रिफंड तेज, अनुपालन होगा सरल
2026-10-05
-
फिनफ्लुएंसर के झांसे से बचें, सेबी चेयरमैन ने निवेशकों को चेताया
2026-10-05