कस्टम ड्यूटी बढ़ते ही Gold-Silver की कीमतों में 6.66% तक उछाल, बाजार में खरीदारी और मुनाफावसूली तेज

खबर सार :-
सरकार द्वारा सोने, चांदी और प्लेटिनम पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का असर बाजार में तुरंत दिखाई दिया है। घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेज उछाल से निवेशकों और कारोबारियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। सरकार जहां विदेशी मुद्रा संरक्षण और चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने पर फोकस कर रही है, वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए ज्वेलरी खरीदना अब और महंगा हो सकता है।

कस्टम ड्यूटी बढ़ते ही Gold-Silver की कीमतों में 6.66% तक उछाल, बाजार में खरीदारी और मुनाफावसूली तेज
खबर विस्तार : -

Gold Silver Rate Today: केंद्र सरकार द्वारा सोने, चांदी और प्लेटिनम पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के फैसले का असर अब बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। आयात शुल्क बढ़ने के बाद दोनों कीमती धातुओं के दामों में 6.66 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों के बीच हलचल तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम देश के चालू खाते के घाटे को नियंत्रित करने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की दिशा में उठाया गया बड़ा आर्थिक कदम है। हालांकि, इसका सीधा असर आम ग्राहकों और ज्वेलरी उद्योग पर पड़ सकता है।

MCX Gold Silver Price Today

एमसीएक्स पर सोना-चांदी रिकॉर्ड तेजी के साथ चमके

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर बुधवार सुबह सोने और चांदी में जोरदार तेजी दर्ज की गई। सुबह 9:52 बजे सोने का 5 जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट 9,348 रुपए यानी 6.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,62,790 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी का 5 जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट 18,593 रुपए यानी 6.66 प्रतिशत उछलकर 2,97,655 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आयात शुल्क बढ़ने से घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की लागत बढ़ गई है, जिसके चलते कीमतों में यह बड़ी तेजी देखने को मिल रही है।

सरकार ने क्यों बढ़ाई कस्टम ड्यूटी?

केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (उपकर सहित) को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा प्लेटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा पर दबाव को कम करने के लिए यह कदम जरूरी माना गया। आर्थिक जानकारों का मानना है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है। ऐसे में सोने के आयात पर अधिक खर्च चालू खाते के घाटे को बढ़ाता है। ड्यूटी बढ़ाने से आयात कम हो सकता है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।

विदेशी मुद्रा संरक्षण पर सरकार का फोकस

सरकारी सूत्रों के अनुसार यह कदम केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। सरकार की कोशिश है कि गैर-जरूरी आयातों को नियंत्रित किया जाए और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत रखा जाए। सूत्रों ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितताओं के बीच भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार आवश्यक वस्तुओं के आयात को प्राथमिकता देना चाहती है, ताकि देश की आर्थिक स्थिरता पर असर न पड़े।

Gold Silver Rate Today-International Market

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी की चमक बरकरार

घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,710 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 2.28 प्रतिशत बढ़कर 87.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। विश्लेषकों के अनुसार वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं, डॉलर में उतार-चढ़ाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण सोने और चांदी की कीमतों में लगातार मजबूती बनी हुई है।

ज्वेलरी बाजार और ग्राहकों पर क्या होगा असर?

सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई तेजी का असर ज्वेलरी बाजार पर भी पड़ सकता है। महंगे दामों के कारण ग्राहकों की खरीदारी प्रभावित होने की संभावना है। शादी और त्योहारों के सीजन में ज्वेलर्स को मांग में कमी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि निवेशकों के लिए यह स्थिति फायदेमंद मानी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में सोना अभी भी सुरक्षित निवेश का मजबूत विकल्प बना हुआ है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक तनाव और डॉलर की कमजोरी जारी रहती है तो आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं घरेलू स्तर पर बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी कीमतों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकती है। निवेशकों को फिलहाल बाजार की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

 

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