सुरक्षित निवेश का भरोसा: 2026 में भी सोने-चांदी की चमक बरकरार

खबर सार :-
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, सुरक्षित निवेश की बढ़ती जरूरत और इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते 2026 में भी सोने और चांदी की तेजी बरकरार रहने की पूरी संभावना है। मजबूत फंडामेंटल्स और तकनीकी संकेत बताते हैं कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ये दोनों धातुएं आगे भी बेहतर रिटर्न देने में सक्षम हैं।

सुरक्षित निवेश का भरोसा: 2026 में भी सोने-चांदी की चमक बरकरार
खबर विस्तार : -

Comodity Market news: साल 2025 में रिकॉर्ड रिटर्न देने के बाद सोने और चांदी की तेजी 2026 में भी जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है। एनालिस्ट्स के मुताबिक वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई का दबाव और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी इंडस्ट्रियल मांग इन दोनों कीमती धातुओं को लगातार सपोर्ट दे रही है। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने-चांदी की मांग बनी रहने से आने वाले समय में इनके दाम नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं।

गोल्ड फ्यूचर्स में मजबूत उछाल

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, फरवरी एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स में इस सप्ताह जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सोना बढ़कर 1,38,875 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि पिछले सप्ताह इसका क्लोजिंग प्राइस 1,35,752 रुपये था। यह तेजी निवेशकों के मजबूत भरोसे और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों का नतीजा मानी जा रही है।

हाजिर बाजार में भी सोना मजबूत

हाजिर बाजार में भी सोने की कीमतों ने मजबूती दिखाई है। 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 1,37,122 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले सप्ताह के 1,34,782 रुपये से काफी अधिक है। त्योहारी मांग और निवेशकों की लगातार खरीदारी ने घरेलू बाजार में सोने को सपोर्ट दिया है।

चांदी ने दिया निर्णायक ब्रेकआउट

एमसीएक्स पर मार्च एक्सपायरी वाली सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट में भी तेज उछाल देखा गया। चांदी बढ़कर 2,52,002 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। तकनीकी रूप से यह अपनी कंसोलिडेशन रेंज से बाहर निकलकर एक मजबूत बुलिश चैनल में प्रवेश कर चुकी है, जिससे आगे और तेजी के संकेत मिलते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिला सपोर्ट

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, कॉमेक्स पर सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूती से टिका हुआ है। कई हफ्तों की शानदार रैली के बाद यह रिकॉर्ड हाई से थोड़ा नीचे स्थिर हुआ है। वहीं, चांदी वायदा 6 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर लगभग 79.79 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है।

इंडस्ट्रियल और ग्रीन एनर्जी डिमांड बनी वजह

चांदी की तेजी के पीछे सिर्फ सुरक्षित निवेश नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड भी बड़ी वजह है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ते उपयोग ने चांदी की मांग को नई ऊंचाई दी है। साथ ही सप्लाई की कमी और सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी से निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत बना हुआ है।

2025 में मिला बंपर रिटर्न

साल 2025 निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा। इस दौरान सोने ने करीब 66 प्रतिशत और चांदी ने 171 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया, जिसने इन्हें सबसे आकर्षक निवेश विकल्पों में शामिल कर दिया।

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