नई दिल्लीः भारत में नौकरी बदलने के दौरान कर्मचारी कुछ चुनिंदा बातों का ध्यान रखने लगे हैं। यहां के ज्यादातर कर्मचारी हेल्थ और वेलनेस को प्राथमिकता देनेवाली कंपनियों में नौकरी करना पसंद कर रहे हैं। वैश्विक व्यावसायिक सेवा फर्म एऑन की तरफ से मंगलवार 30 अप्रैल को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 82 प्रतिशत कर्मचारी अगले 12 महीनों में ही नई नौकरी की तलाश करने लगे हैं। यह बदलाव कोविड काल के बाद से देखने को मिले हैं। भारतीय कर्मचारियों को मुख्य रूप से कंपनियों में पांच प्रकार के फायदे मिलते हैं, जिसमें वर्क-लाइफ बैलेंस, मेडिकल कवरेज, कैरियर विकास, वेतन अवकाश और सेवानिवृत्ति बचत शामिल हैं। जिन जगहों पर ऐसी सुविधाएं नहीं है, वहां नौकरी करने से भारतीय कर्मचारी बचते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सर्वेक्षण में भाग लेने वाले लोगों में सभी पीढ़ियों के बीच मेडिकल कवरेज नौकरी में मिलने वाले सबसे अधिक मूल्यवान लाभों में से एक था, इसे जेन एक्स और जेन वाई ने जेन जेड की तुलना में अधिक रेटिंग दी थी। जेन जेड ने वर्क-लाइफ बैलेंस को नौकरी में प्राथमिकता दी है। दूसरी तरफ सर्वेक्षण में शामिल 76 फीसदी लोगों ने कहा कि वे फायदों के बेहतर विकल्प के लिए मौजूदा लाभों को छोड़ने के लिए तैयार रहते हैं। यह भारत में अपने व्यवसायों के अनुकूल रणनीतियां तैयार करने और कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं के अनुसार बनाने की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से उजागर करता है।
टैलेंट सॉल्यूशंस के प्रमुख नितिन सेठी का कहना है कि कोविड के बाद से कंपनियों ने कर्मचारियों के वेलनेस और हेल्थ प्रोग्राम को आकार देने पर नियोक्ता ब्रांड पर विचार-विमर्श किया है। इस क्षेत्र में हम बड़ा बदलाव देख रहे हैं, क्योंकि अब कर्मचारी भी इन कार्यक्रमों को अधिक महत्व देने लगे हैं। अधिकांश कंपनियां अधिक सक्रिय रूप से अपने यहां कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं की ब्रांडिंग करने लगी हैं। यह रिपोर्ट अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, भारत और ऑस्ट्रेलिया सहित 23 भौगोलिक क्षेत्रों में 9,000 से अधिक कर्मचारियों के वैश्विक अध्ययन पर आधारित है। इस संबंध में हेल्थ और वेल्थ सॉल्यूशंस की प्रमुख एशले डिसिल्वा ने कहा कि कर्मचारी मेडिकल और जीवन लाभ के लाभों के बारे में तेजी से जागरूक हो रहे हैं। युवा कर्मचारियों के बीच सेवानिवृत्ति और वित्तीय नियोजन का महत्व आश्चर्यजनक है।
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