जाॅर्डन में हमले का अमेरिका ने दिया जवाब, ईरान में IRGC के दर्जनों ठिकानों पर मिसाइलों से हमला

खबर सार :-

गुरुवार तड़के अमेरिका ने ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया। हवाई हमलों से बुशहर प्रांत के तीन शहरों को काफी नुकसान हुआ। हालांकि, इसी प्रांत में स्थित ईरान का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र सुरक्षित रहा। अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने बदला लेने की चेतावनी दी है।
जाॅर्डन में हमले का अमेरिका ने दिया जवाब, ईरान में IRGC के दर्जनों ठिकानों पर मिसाइलों से हमला

खबर विस्तार : -

तेहरान: जॉर्डन में हुए हमले के बाद ईरान पर हुई भारी बमबारी के जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आज दोपहर कड़ी प्रतिक्रिया दी। IRGC ने कहा कि हमलावरों से तुरंत बदला लिया जाएगा। ईरान ने माना है कि रात भर चले अमेरिकी हवाई हमलों से बुशहर प्रांत के तीन शहर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। 

गौरतलब है कि ईरान का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशहर प्रांत में ही स्थित है। ईरान पर हवाई हमलों की पुष्टि करते हुए, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि मध्य पूर्व में तैनात 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। वहीं, अमेरिका-ईरान के बीच जंग शुरू होने से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।

जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर हुए हमले का दिया जवाब

अल जजीरा, एक्सियोस, तस्नीम, IRIB, फार्स, गल्फ न्यूज, अरब न्यूज और CBS न्यूज की रिपोर्टों के अनुसार, CENTCOM ने X (पहले ट्विटर) पर कहा कि ईरान पर हवाई हमले कल जॉर्डन में अमेरिकी सेना पर हुए मिसाइल हमले के जवाब में किए गए थे। मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना पर ईरान से बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर ईरान से छोड़ी गई सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। कमांड ने दोहराया कि मध्य पूर्व में घातक हथियारों से लैस 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। 

अमेरिकी सेना ने IRGC के दर्जनों ठिकानों को किया नष्ट

CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना ने IRGC के दर्जनों ठिकानों को नष्ट कर दिया, जिनमें मिलिट्री कमांड सेंटर, मिसाइल और ड्रोन सुविधाएं, तटीय निगरानी और सुरक्षा स्थल और समुद्री क्षमताएं शामिल हैं। अमेरिकी हमलों का मकसद अमेरिकी सेना, कमर्शियल शिपिंग और पड़ोसी खाड़ी देशों को ईरान और उसके प्रॉक्सी समूहों से होने वाले खतरों से बचाना है। इससे पहले एक बयान में, IRGC ने माना कि उसकी वायु सेना ने बुधवार तड़के बैलिस्टिक मिसाइलों से जॉर्डन में एक अमेरिकी मिलिट्री कमांड सेंटर और एयरबेस को निशाना बनाया था।

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गुरुवार तड़के 3:50 बजे रिहायशी इलाकों में गूंजे धमाके

ईरान के केशम द्वीप के अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने गुरुवार तड़के हवाई हमला किया। स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 3:50 बजे तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय निवासियों ने बताया कि एक मिसाइल रिहायशी इलाके में गिरी। यह द्वीप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और फारस की खाड़ी में स्थित है। होर्मोजगन प्रांत के सुरक्षा मामलों के डिप्टी गवर्नर-जनरल ने पुष्टि की कि अमेरिका ने सुबह 4:00 बजे केशम पर एक साथ कई क्रूज मिसाइलें दागीं। 

बुशहर, जाम और खोरमुज शहरों के आस-पास हुए हमले

ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने रिपोर्ट दी कि अमेरिकी मिसाइलों ने बुशहर प्रांत के तीन शहरों में भारी तबाही मचाई। बुशहर के गवर्नर के हवाले से बताया गया कि बुशहर, जाम और खोरमुज शहरों के आस-पास के इलाकों में हवाई हमले किए गए। इन हमलों के बीच देश का एकमात्र न्यूक्लियर पावर प्लांट अभी सुरक्षित है। IRGC के पब्लिक रिलेशंस डिपार्टमेंट का हवाला देते हुए फार्स न्यूज एजेंसी ने कहा, "हमलावर को आज सजा दी जाएगी।" यह बयान अमेरिका की उस घोषणा के बाद आया जिसमें कहा गया था कि रातभर ईरान पर जबरदस्त हमले किए गए, जिसके कारण केशम, किश, बंदर अब्बास, अबादान और बुशहर में जबरदस्त धमाके हुए। IRGC ने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) ईरानी इलाका है और उसकी नौसेना का इस जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है; किसी भी तरह का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ईरान ने कुवैत में चीनी कंपनी को बनाया निशाना, एक की मौत

इस बीच, कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि देश के उत्तरी हिस्से में एक चीनी कंपनी की इमारत को निशाना बनाकर किए गए ईरानी हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई। मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है। अल-ओतैबी ने कहा कि सशस्त्र बल देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए तैयार हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टकराव पर चिंता जताई है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान दोनों से अपील की है कि वे तुरंत लड़ाई बंद करें और कूटनीतिक रास्ता अपनाएं। महासचिव के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने न्यूयॉर्क में कहा, "ताजा लड़ाई को लेकर चिंतित महासचिव का मानना ​​है कि अगर दोनों पक्ष बातचीत की मेज पर नहीं लौटते हैं तो टकराव और बढ़ सकता है। हाल के घंटों में ऐसा ही होता दिख रहा है।" महासचिव ने पाकिस्तान, कतर और मध्यस्थता करने वाले अन्य देशों से तुरंत कदम उठाने की अपील की है।

FAQ

ईरान-अमेरिका विवाद क्या है?

पिछले पांच महीनों से ईरान और अमेरिका के बीच टकराव चल रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और बीच-बीच में मिसाइल व ड्रोन हमले शामिल हैं।

दोनों देशों के बीच तनाव पर संयुक्त राष्ट्र ने क्या कदम उठाया?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर चिंता जताते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से लड़ाई बंद कर कूटनीतिक हल निकालने की अपील की है।

 

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