Shubhanshu Shukla Return : अंतरिक्ष से धरती पर शुभांशु शुक्ला की सफल वापसी, PM मोदी ने जताई खुशी
खबर सार :-
Shubhanshu Shukla Return : भारत के सपूत शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में 20 दिन और अंतरिक्ष स्टेशन पर 18 दिन बिताने के बाद आज पृथ्वी पर सुरक्षित लौट आए हैं। शुभांशु शुक्ला और अन्य क्रू सदस्यों को लेकर ड्रैगन अंतरिक्षयान कैप्सूल प्रशांत महासागर में उतरा। शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्षयान सोमवार शाम लगभग 4.45 बजे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से अनडॉक हो गया।
खबर विस्तार : -
Shubhanshu Shukla Return : भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अपने चार साथियों के साथ अंतरिक्ष से पृथ्वी पर लौट आए हैं। 23 घंटे की यात्रा के बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान दोपहर 3 बजे कैलिफ़ोर्निया के समुद्र में उतरा। शुभांशु शुक्ला का यान सोमवार शाम करीब 4.45 बजे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अनडॉक हुआ था। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, राकेश शर्मा (1984) के बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बने हैं।
Shubhanshu Shukla की वापसी पर PM मोदी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु शुक्ला की पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी पर खुशी व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की। पीएम मोदी ने लिखा, 'मैं पूरे देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत करता हूँ, जो अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन से पृथ्वी पर लौट आए हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में, उन्होंने अपने समर्पण, साहस और अग्रणी भावना से करोड़ों सपनों को प्रेरित किया है। यह हमारे अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान की दिशा में एक और मील का पत्थर है।'
Shubhanshu Shukla Return: 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहे चार अंतरिक्ष यात्री
एक्सिओम मिशन-4 (एक्स-4) में चार देशों के चार अंतरिक्ष यात्री 18 दिनों तक अंतरिक्ष में रहे। भारत के शुभांशु शुक्ला के अलावा मिशन विशेषज्ञ पोलैंड के स्लावोज उज़्नान्स्की (Slavoj Uznansky), हंगरी की कमांडर पैगी व्हिट्सन (Peggy Whitson) और अमेरिकी मिशन विशेषज्ञ टिबोर कापू (Tibor Kapu) 26 जून को शाम 4:01 बजे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे। एक्सिओम मिशन 4 के तहत, अंतरिक्ष यात्री 25 जून को दोपहर 12 बजे रवाना हुए। उन्होंने स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट से जुड़े ड्रैगन कैप्सूल में कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी।
वे 14 तारीख की शाम को रवाना हुए। अब चारों अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी पर लौट आए हैं। चारों अंतरिक्ष यात्री 14 जुलाई को शाम 4:45 बजे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से पृथ्वी के लिए रवाना हुए और 15 जुलाई की दोपहर 3 बजे शुभांशु शुक्ला का ड्रैगन अंतरिक्ष यान कैलिफ़ोर्निया के तट पर सुरक्षीत उतरा।
Shubhanshu Shukla Return: ISS जाने वाले पहले भारतीय
भारत के शुभांशु ISS जाने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय हैं। इससे पहले राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत संघ के अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष की यात्रा की थी। शुभांशु शुक्ला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अलीगंज स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में हुई। 12वीं कक्षा के बाद उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और वहीं से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 17 जून 2006 को शुभांशु भारतीय वायु सेना की लड़ाकू शाखा में शामिल हुए। वह एक कुशल और अनुभवी लड़ाकू पायलट होने के साथ-साथ एक परीक्षण पायलट भी हैं। अब तक उन्होंने 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव प्राप्त कर लिया है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
पड़ोसी देशों तक जाएगी भारतीय रेल, पूर्वोत्तर रेलवे बढ़ा रहा नेटवर्क
2026-09-15
-
243 यात्रियों का जहाज इंडोनेशिया के जावा सागर में खोया
2026-09-13
-
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: ’सौदागर‘ नहीं .‘दोस्त’ चाहिए!
2026-09-12
-
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति
2026-09-11
-
कांगो में 27 बच्चों की जलकर मौत, 300 घर राख
2026-09-11
-
बांग्लादेशः नहीं रहीं चिन्मय कृष्ण दास की मां, कोर्ट से नहीं मिली पैरोल
2026-09-10
-
नेपाल में LPG संकट, 3,000 रुपये में बिक रहा सिलेंडर; मंत्री का इस्तीफा
2026-09-10
-
मिडटर्म चुनाव का परिणाम तय करेगा डोनाल्ड ट्रंप के एजेंडे का भविष्य
2026-09-10
-
इजरायल ने दिया यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास बंद करने का आदेश
2026-09-09
-
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ शुरू किया ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट
2026-09-09
-
ईरान का जोरदार पलटवार, जॉर्डन में US बेस पर दागी मिसाइलें
2026-09-09
-
कांगो में इबोला बेकाबू, संक्रमण के बदलते पैटर्न ने बढ़ाई WHO की चिंता
2026-09-09
-
दक्षिण कोरिया ने परमाणु पनडुब्बी विकसित करने की दिशा में उठाया कदम
2026-09-08
-
पश्चिमी हवाई द्वीपों की ओर बढ़ा हरिकेन लोवेल, लोगों की जान पर मंडराया खतरा
2026-09-08
-
रूस और उत्तर कोरिया के बीच शुरू हुआ पहला 'रोड ब्रिज'
2026-09-07