फिलीपींस में भूकंप से तबाही: मृतकों की संख्या 61 पहुंची, 40 लोग अब भी लापता, हजारों घर तबाह
खबर सार :-
फिलीपींस में आए भूकंप ने हजारों मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा में 61 लोगों की मौत की सूचना है और 12,600 से अधिक घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई इलाकों में इमारतों की दीवारों में दरारें आ गईं, जबकि कुछ भवन पूरी तरह ढह गए। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं तथा मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है।
खबर विस्तार : -
Philippines earthquake: फिलीपींस के दक्षिणी द्वीप मिंडानाओ के तट के पास आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 61 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 1,403 से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी फिलीपींस की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन परिषद (एनडीआरआरएमसी) ने रविवार को जारी ताजा रिपोर्ट में दी।
लाखों लोगों का जीवन प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार, भूकंप का असर मिंडानाओ और आसपास के कई क्षेत्रों में व्यापक रूप से महसूस किया गया। आपदा के कारण लाखों लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ है। एनडीआरआरएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, 75,300 से अधिक परिवारों के करीब 3.46 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। इनमें से 45,000 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों या राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के बाद कुल 45 अलग-अलग प्रकार की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें अधिकांश भूस्खलन से संबंधित हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी भू-स्खलन होने से कई गांवों और कस्बों का संपर्क अस्थायी रूप से टूट गया। कई प्रमुख सड़कों पर मलबा जमा हो गया, जिससे राहत कार्यों में भी बाधाएं उत्पन्न हुईं।
सभी परिवहन सेवाएं प्रभावित
एनडीआरआरएमसी ने बताया कि भूकंप से बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। 45 सड़क खंडों, आठ पुलों, एक हवाई अड्डे और दो बंदरगाहों पर परिवहन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर सड़कें टूट गईं और पुलों में दरारें आ गईं, जिससे यातायात बाधित हो गया। प्रशासन इन मार्गों को जल्द बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।
भूकंप का असर केवल आवासीय और सार्वजनिक ढांचे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र भी प्रभावित हुए हैं। किसानों की फसलें और कृषि संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि मछली पालन से जुड़े कई तटीय क्षेत्रों में भी नुकसान की खबरें हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आपदा के बाद 48 शहरों और नगरपालिकाओं में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में जुटे हैं। कई इलाकों में संचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं, हालांकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य की जा रही है।
घरों और इमारतों को भारी क्षति
फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी (पीएचआईवीओएलसीएस) के अनुसार, यह एक टेक्टोनिक भूकंप था, जो स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आया। भूकंप की गहराई लगभग 33 किलोमीटर दर्ज की गई। इसका केंद्र सरंगानी प्रांत में स्थित मासीम शहर के तट से करीब 32 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। विशेषज्ञों का कहना है कि अपेक्षाकृत कम गहराई और अधिक तीव्रता के कारण इसका प्रभाव बड़े क्षेत्र में महसूस किया गया।
इससे पहले फिलीपींस के ऑफिस ऑफ सिविल डिफेंस के प्रवक्ता जूनी कैस्टिलो ने बताया था कि दक्षिण कोटाबाटो क्षेत्र के प्रमुख बंदरगाह शहर जनरल सैंटोस में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। यह शहर लगभग सात लाख की आबादी वाला महत्वपूर्ण व्यावसायिक केंद्र माना जाता है। यहां कई इमारतों को गंभीर क्षति पहुंची है और कई लोग घायल हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश मौतें इमारतों के ढहने, मलबे के नीचे दबने और भूस्खलन की घटनाओं के कारण हुई हैं। कई क्षेत्रों में बचाव दलों को कठिन परिस्थितियों में राहत कार्य संचालित करना पड़ रहा है। प्रारंभिक रिपोर्टों में घायल लोगों की संख्या कम बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे राहत अभियान आगे बढ़ा, घायलों की संख्या बढ़कर 1,403 तक पहुंच गई।
जनरल सैंटोस शहर में एक दो मंजिला स्कूल भवन भी धराशायी हो गया। आशंका जताई गई कि इमारत में कुछ छात्र फंसे हो सकते हैं। प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है और राहत दल मौके पर तैनात हैं। सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो में कई विश्वविद्यालयों, रेस्तरां और व्यावसायिक इमारतों को क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा गया है। कई भवनों के साइनबोर्ड गिर गए, जबकि खिड़कियों के शीशे टूट गए।
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