यमन के सैन्य ठिकानों पर हूती ने की मिसाइलों से हमला, 45 सैनिकों की मौत, घायलों से अस्पताल भरे
खबर सार :-
यमन में हूती (अंसार अल्लाह) विद्रोहियों ने गुरुवार को सरकारी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन हमले कर दिए। मारिब और हद्रमौत प्रांतों में हुए इन हमलों में करीब 45 सैनिकों के मारे जाने तथा 75 से अधिक के घायल होने की सूचना है। अस्पताल में भर्ती कई घायलों की हालत गंभीर है। वहीं, हूती संगठन ने इस कार्रवाई में सरकारी सेना के सैकड़ों जवान हताहत होने का दावा किया हैं।
खबर विस्तार : -
सना/यमन: यमन में हूती (अंसार अल्लाह) विद्रोहियों ने गुरुवार को सरकारी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन हमले कर दिए। मारिब और हद्रमौत प्रांतों में हुए इन हमलों में करीब 45 सैनिकों के मारे जाने तथा 75 से अधिक के घायल होने की सूचना है। अस्पताल में भर्ती कई घायलों की हालत गंभीर है। वहीं, हूती संगठन ने इस कार्रवाई में सरकारी सेना के सैकड़ों जवान हताहत होने का दावा किया हैं।
मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
शुरुआती दौर में 30 सैनिकों की मौत की बात कही गई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 38 और फिर 45 तक पहुंचने की जानकारी दी। मरने वालों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। यमन की सरकारी सेना ने हमले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि विद्रोहियों ने मारिब के उत्तर में स्थित अल-जौफ क्षेत्र से आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनका निशाना होमलैंड शील्ड फोर्सेज, इमरजेंसी फोर्सेज और हद्रमौत में फर्स्ट मिलिट्री रीजन पर रहा। सैनिक उस समय प्रशिक्षण अभ्यास के लिए बड़ी संख्या में एकत्र थे, जिससे जान-माल का नुकसान अधिक हुआ।
सरकारी समाचार एजेंसी सबा और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अप्रैल 2022 में हुए युद्धविराम के बाद यह यमन के घातक सैन्य हमलों में से एक माना जा रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने मृत सैनिकों के परिजनों के प्रति दुख जताया।, जबकि यमन स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस हमले की कड़ी निंदा की। इसे कायरतापूर्ण बताया।
हमले से सेना को बड़ा नुकसान
हमले की जिम्मेदारी देते हुए हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि दोपहर करीब दो बजे बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले किए गए। यह सैन्य ठिकानों, हथियार डिपो और सैन्य वाहनों को निशाना बनाने में सफल रहे। उनके अनुसार, इस हमले में सरकारी सेना को भारी नुकसान पहुंचा है। हमले की पुष्टि राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष और यमन के सशस्त्र बलों के सर्वाेच्च कमांडर डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलीमी के कार्यालय ने भी की है। कार्यालय की ओर से कहा गया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हूती को ईरान का समर्थन मिला
हूती यमन का एक चरमपंथी राजनीतिक और सैन्य संगठन है, जो मुख्य रूप से उत्तरी यमन के जैदी शिया समुदाय का नेतृत्व करता है। हूती को ईरान का समर्थन प्राप्त है, जबकि अमेरिका, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात इसे आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।
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