ग्राम सोरखा जाहिदाबाद में पुष्कर्णी तालाब पर मेहरबान हुए अफसर, 9.82 करोड़ होंगे खर्च

खबर सार :-

नोएडाः नोएडा सोरखा जाहिदाबाद में एक पुष्कर्णी तालाब है। इसको सुंदर बनाने तथा जल संरक्षण के लिए इस पर 9.82 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि तालाब का विकास होगा तो ग्रामीणों का भी विकास होगा। पुष्कर्णी तालाब पचास फीसदी तैयार है।
अफसरों की आकर्षक मेहरबानी, 9.82 करोड़ के तालाब में भरेगा बारिश का पानी

खबर विस्तार : -

नोएडा :  कहते हैं, जब ऊपर वाला देता है तो छप्पर फाड़ कर देता है। यह कहावत नोएडा के ग्राम सोरखा जाहिदाबाद के लोगों पर सही साबित हो रही है। दूसरा यह भी कि जब सरकार या अफसर मेहरबान हो जाएं तो बस्ती का कल्याण हो जाए। ग्राम सोरखा जाहिबाबाद में पुष्कर्णी तालाब है। यहां पर बारिश का जल एकत्रित करने के लिए तालाब तैयार कराया जा रहा है। 50 फ़ीसदी भौतिक काम पूरा भी हो चुका है। सरकारी खजाने से धन निकालने के लिए अफसर ने आकर्षक दावे दिखाकर क्षेत्र पर बड़ी मेहरबानी की है। 9.82 करोड़ रुपए इस योजना पर खर्च किए जाएंगे। 

तालाब के विकास के साथ क्षेत्र का विकास होगा

जानकारी के अनुसार, नोएडा सोरखा जाहिदाबाद में पुष्कर्णी तालाब है। इसके विकास एवं निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इस पुष्करिणी तालाब परियोजना को क्षेत्र के जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाने के उद्देश्य से तैयार कराया जा रहा है। पूरी परियोजना में लगभग 50 फ़ीसदी कम पूरा हो चुका है। इस पर 9.82 करोड रुपए खर्च किए जाने हैं। निर्माण की स्थिति यह है कि अभी चार महीने इसमें और लगेंगे। जल संरक्षण और पर्यावरण विकास को बढ़ावा देने के लिए अधिकारियों ने इस प्रयोजन को गति दी है। अब सवाल यह है इतनी बड़ी परियोजना में बारिश का पानी संग्रहण किया जाएगा तो पर्यावरण संतुलन कैसे स्थापित हो पाएगा?

तालाब के पास हरित वातावरण विकसित किया जाएगा

सरकारी अफसर ने दावे की हैं कि यह इस तरह से आकर्षक ढंग से तैयार कराया जा रहा है, जो पेड़ पौधे और हरियाली से आच्छादित रहेगा। इसको आकर्षक और सुंदर बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। दावा तो यह भी हैं कि तालाब के विकास के साथ-साथ यहां की विभिन्न निर्माण एवं सौंदरीकरण कार्य भी पूरे होंगे। उनके लिए प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य है कि वर्षा के जल को संरक्षण किया जाए और भूजल पुनर्भरण की क्षमता को बढ़ाया जाए। इससे पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकेगी। इस तरह को विकसित किया जा रहा है, यानी यह पहले से बना हुआ था।

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परियोजना में लगभग 50 फ़ीसदी काम पूरा हो चुका

अब सरकारी धन खर्च करके इसका नवीनीकरण और इसका उद्धार किया जा रहा है। इसके तैयार होने से बारिश के पानी को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। यह तो तय है, लेकिन इसमें क्षेत्र के किसी विकास कार्य का उल्लेख नहीं किया गया है। परियोजना से ग्राम वासियों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इसके बारे में अधिकारी खामोश है कि वह इससे जुड़ा और कौन सा काम करने वाले हैं? साथ ही तालाब के आसपास हरित वातावरण विकसित किया जाएगा। इससे सुंदरता में इजाफा होगा। अधिकारियों का कहना है कि काम पूरा होने के बाद जल संरक्षण पर्यावरणीय सुधार होगा। सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।

वर्षा जल संरक्षण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी

इसके अलावा जल प्रबंधन वर्षा जल संरक्षण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। क्षेत्र के निर्माण कार्य भी पूरे होंगे। वर्तमान कार्य प्रगति के आधार पर अगले 4 महीने में परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण केंद्र के साथ-साथ आकर्षक सार्वजनिक स्थल की सुविधा मिलेगी। वैसे तो इतनी बड़ी परियोजना के लिए पहले से ही तय कर लिया जाता है कि परियोजना के साथ-साथ और कौन सी चीज विकसित की जाएगी। पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे तो वह किस प्रकार के होंगे। मियांवाकी वन संरक्षण होगा या फूल पौधे झाड़ियों से संबंधित होंगे। लेकिन अभी तक केवल हरियाली की बात की जा रही है। 

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