झांसी महानगर के कई मोहल्लों का भूजल पीने लायक नहींः रिपोर्ट
खबर सार :-
इंदौर में दुषित पानी से हुई मौतों से पूरा देश हिल गया है। ऐसे में जल विभाग और नगर निगम पानी की समस्याओं का हर कीमत पर हल निकालने में लगा हुआ और जहां से भी शिकायतें मिल रही हैं उस पर त्वरित कार्रवाई भी कर रहा है। इस बीच रिपोर्ट आई है कि झांसी के कई इलाकों का पानी पीने लायक नहीं है।
खबर विस्तार : -
झांसीः इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद, अब झांसी के कई इलाकों से भी दूषित पानी की खबरें आ रही हैं। बताया जा रहा है कि शहर के कई हिस्सों में ग्राउंडवाटर दूषित हो रहा है क्योंकि सही सीवेज सिस्टम न होने के कारण गंदा पानी सीधे ग्राउंडवाटर में मिल रहा है, जिससे वह पीने लायक नहीं रह गया है।
झांसी शहर में 500 जगहों पर हुई जांच
लगभग तीन साल पहले शहर में किए गए एक रिसर्च स्टडी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस स्टडी में बताया गया था कि सेप्टिक टैंक का गंदा पानी शहर के कई हिस्सों में ग्राउंडवाटर को दूषित कर रहा है। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के जियोलॉजी डिपार्टमेंट की ग्राउंडवाटर एनालिटिकल लैब ने शहर के अलग-अलग इलाकों में पानी के कई टेस्ट किए। 2017 से 2022 के बीच, झांसी और बुंदेलखंड के ज़्यादातर ज़िलों से पानी के सैंपल वहां टेस्ट किए गए। अकेले झांसी शहर से 500 से ज़्यादा पानी के सैंपल टेस्ट किए गए।
शहर के पुराने हिस्से ज्यादातर खराब
जियोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर प्रोफेसर एस.पी. सिंह और डॉ. ऋषि सक्सेना ने इस मुद्दे पर बड़े पैमाने पर रिसर्च किया। उनकी रिसर्च में ग्राउंडवाटर में ई. कोलाई और दूसरे बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया पाए गए। कई इलाकों में पानी के टेस्ट से पता चला कि पानी क्वालिटी स्टैंडर्ड पर खरा नहीं उतरता क्योंकि शहर में न तो सही सीवेज सिस्टम है और न ही वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट। स्थानीय प्रशासन के पास फिलहाल इस समस्या से निपटने की कोई योजना नहीं है। यही वजह है कि शहर के पुराने हिस्सों में हालात ज़्यादा खराब हैं। ई. कोलाई और दूसरे बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया, जो सेप्टिक टैंक के सीवेज में पनपते हैं, ग्राउंडवाटर तक पहुंच रहे हैं, जिससे पानी की सप्लाई दूषित हो रही है। ऐसा पानी पीने से कई बीमारियां हो सकती हैं, जिनमें डायरिया, उल्टी और पेट दर्द शामिल हैं।
पानी की सप्लाई बढ़ाने की योजना
शहर के ज़्यादातर इलाकों में अमृत योजना (अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) स्कीम के तहत पाइपलाइन से पीने का पानी मिलता है, और ज़्यादा इलाकों में पानी की सप्लाई बढ़ाने की योजना है। इसके बावजूद, गर्मियों के महीनों में कई इलाके अभी भी पानी के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं। ऐसे इलाकों में बिना फिल्टर किया हुआ ग्राउंडवाटर पीने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अगर फिल्टर उपलब्ध नहीं है, तो पीने से पहले पानी को उबाल लेना चाहिए।
डॉ. ऋषि सक्सेना ने दी जानकारी
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋषि सक्सेना का कहना है कि घरों और कमर्शियल जगहों पर सेप्टिक टैंक अक्सर सालों तक खाली नहीं किए जाते हैं। इन टैंकों का गंदा पानी धीरे-धीरे ग्राउंडवाटर में रिसता रहता है। इसके अलावा, जब टैंक की दीवारों या नीचे दरारें होती हैं, तो गंदा पानी बहुत तेज़ी से ग्राउंडवाटर तक पहुंच जाता है। शहर में सही सीवर सिस्टम न होने की वजह से, गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए कोई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं हैं।
अन्य प्रमुख खबरें
-
झारखंड में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रांची समेत 10 जिलों में अलर्ट
2026-09-01
-
बैंक फ्रॉड में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, 7 दोषियों को सजा
2026-09-01
-
अल्मोड़ा में बारिश के बाद ढहा मकान, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
2026-09-01
-
बहराइचः आंगन से किसान को खींच ले गया बाघ, आधा-अधूरा शव मिलने पर दहशत
2026-09-01
-
राष्ट्रधर्म की यात्रा में निरंतरता जरूरी: स्वांत रंजन
2026-09-01
-
लखनऊ में छात्राओं के लिए करियर मार्गदर्शन और सुरक्षा जागरूकता अभियान
2026-08-31
-
यूपी में बाढ़ से 1.70 लाख लोग प्रभावित, 17 जिलों में राहत-बचाव तेज
2026-08-31
-
तमिलनाडु में सीएम विजय ने 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ायी दूध की कीमतें
2026-08-31
-
उज्जैन में आज निकलेगी बाबा महाकाल की पांचवी सवारी, जानें पूरा रूट
2026-08-31
-
मध्य प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 11 जिलों में अलर्ट
2026-08-31
-
इंजन के आगे युवक को देख लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक, तनाव का माहौल
2026-08-30
-
झांसी: बंद मकान में मिले वृद्ध दंपती के शव, जांच जारी
2026-08-30
-
मुझ पर इस मिट्टी का कर्ज था...IAS दिव्या मित्तल ने किया इमोशनल पोस्ट
2026-08-30
-
तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, 32 जिलों में मौसम खराब
2026-08-30
-
झांसी मंडल में 856 युवाओं को मिलेगा मौका, ऐसे करें आवेदन
2026-08-29