Badrinath Dham: विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले बद्रीनाथ के कपाट, जयकारों से गूंजा उठा पूरा धाम
खबर सार :-
Badrinath Dham: भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट सुबह 6:15 बजे वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच भक्तों के लिए खोल दिए गए, जिसमें 15,000 तीर्थयात्रियों ने अपनी प्रार्थनाएं अर्पित कीं। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर पहली पूजा (अनुष्ठानिक उपासना) की और उसके बाद व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
खबर विस्तार : -
Badrinath Dham: उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलते ही, पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया। गुरुवार को ठीक सुबह 6:15 बजे, जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, पूरा धाम "जय बद्री विशाल!" के जयकारों से गूंज उठा। कपाट खोलने की रस्म पूरी तरह से स्थापित विधि-विधान और परंपराओं के अनुसार संपन्न की गई।
Badrinath Dham: विधिवत हुई भगवान बद्री विशाल की पूजा
मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के साथ भगवान बद्री विशाल की पूजा-अर्चना की, जिसके बाद मंदिर को भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया। इस विशेष अवसर का साक्षी बनने के लिए हजारों भक्त वहां मौजूद थे। कई भक्तों ने तो पिछली रात से ही कतार लगा ली थी, ताकि वे भगवान के दर्शन करने वाले सबसे पहले भक्तों में शामिल हो सकें।
भक्तों में उत्साह
जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, भक्तों की आंखों में खुशी और श्रद्धा साफ झलक रही थी। कुछ भक्त हाथ जोड़कर प्रार्थना की मुद्रा में खड़े थे; कुछ गहरे भावों के साथ प्रार्थना कर रहे थे, तो कुछ इस ऐतिहासिक क्षण को अपने मोबाइल फोन में कैद करने की कोशिश कर रहे थे। हर चेहरे पर एक अलग ही तरह की शांति और संतोष का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इस अवसर पर, मंदिर परिसर को फूलों से बेहद खूबसूरती से सजाया गया था, जिससे इसकी भव्यता और भी बढ़ गई थी। आर्मी बैंड ने अपनी मधुर धुनों से इस शुभ अवसर में चार चांद लगा दिए। पूरे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस किया जा सकता था।
चारधाम यात्रा का हुआ विधिवत शुभारंभ
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही, अब चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। चार धाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम शामिल हैं। बद्रीनाथ धाम में भगवान बद्री विशाल का निवास है। यह मंदिर 6 महीने के लिए खुलता है और 6 महीने बंद रहता है। इसमें रोचक बात यह है कि जब मंदिर बंद रहता है तो 6 महीने तक दीपक जलता रहता है।
देश-विदेश से आने वाले भक्त अब इस पवित्र तीर्थयात्रा में शामिल हो सकते हैं। हर साल, लाखों-करोड़ों भक्त इस यात्रा को करते हैं और भगवान बद्री विशाल की पूजा-अर्चना तथा दर्शन करके अपने जीवन को धन्य मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस धाम के दर्शन करने से मन को शांति मिलती है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस तीर्थयात्रा की कठिन प्रकृति के बावजूद, लोगों के मन में यह गहरी आस्था आज भी अटूट बनी हुई है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
झारखंड में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रांची समेत 10 जिलों में अलर्ट
2026-09-01
-
बैंक फ्रॉड में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, 7 दोषियों को सजा
2026-09-01
-
अल्मोड़ा में बारिश के बाद ढहा मकान, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
2026-09-01
-
बहराइचः आंगन से किसान को खींच ले गया बाघ, आधा-अधूरा शव मिलने पर दहशत
2026-09-01
-
राष्ट्रधर्म की यात्रा में निरंतरता जरूरी: स्वांत रंजन
2026-09-01
-
लखनऊ में छात्राओं के लिए करियर मार्गदर्शन और सुरक्षा जागरूकता अभियान
2026-08-31
-
यूपी में बाढ़ से 1.70 लाख लोग प्रभावित, 17 जिलों में राहत-बचाव तेज
2026-08-31
-
तमिलनाडु में सीएम विजय ने 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ायी दूध की कीमतें
2026-08-31
-
उज्जैन में आज निकलेगी बाबा महाकाल की पांचवी सवारी, जानें पूरा रूट
2026-08-31
-
मध्य प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 11 जिलों में अलर्ट
2026-08-31
-
इंजन के आगे युवक को देख लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक, तनाव का माहौल
2026-08-30
-
झांसी: बंद मकान में मिले वृद्ध दंपती के शव, जांच जारी
2026-08-30
-
मुझ पर इस मिट्टी का कर्ज था...IAS दिव्या मित्तल ने किया इमोशनल पोस्ट
2026-08-30
-
तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, 32 जिलों में मौसम खराब
2026-08-30
-
झांसी मंडल में 856 युवाओं को मिलेगा मौका, ऐसे करें आवेदन
2026-08-29