यूपी के बरेली और बिजनौर समेत 4 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, अगले 24 घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट
खबर सार :-
यूपी के चार जिलों में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है। बिजनौर, बरेली, मुरादाबाद और रामपुर के कुछ हिस्सों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
खबर विस्तार : -
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ज्यादा बारिश, जलभराव और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, मौसम विभाग ने रविवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 'सचेत' ऐप के अनुसार, अगले 24 घंटों में बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
इसके बीच, योगी सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। अधिकारियों को स्थिति पर नजर रखने और प्रभावित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित ज़िलों के ज़िलाधिकारियों और अतिरिक्त ज़िलाधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत करने, नुकसान के आकलन में तेजी लाने और प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री व तय आर्थिक सहायता का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
तीन दिनों में सामान्य से 775% ज्यादा बारिश
राहत आयुक्त के अनुसार, राज्य में 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह के बीच 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य बारिश 7.6 मिमी है। यह सामान्य से 775 प्रतिशत ज्यादा बारिश है। 75 में से 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा अंतर फर्रुखाबाद (सामान्य से 7,385% अधिक), कन्नौज (5,664%), शाहजहांपुर (4,408%), हमीरपुर (4,240%) और महोबा (4,100%) में दर्ज किया गया। लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा। लखनऊ सहित मध्य, पश्चिमी और तराई क्षेत्रों के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। विभाग के अनुसार, फिलहाल 28 सितंबर से भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी होने की संभावना नहीं है।
बरेली-मुरादाबाद डिवीजन में बारिश का खतरा
रविवार के लिए बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। इसके अलावा, पीलीभीत समेत पश्चिमी और तराई इलाकों के कई जिलों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है। इस बीच, पिछले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों—जैसे लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, शाहजहांपुर, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, हमीरपुर और महोबा में बारिश हुई है। लखनऊ के अमौसी ऑब्जर्वेटरी में 24 घंटों में 135.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि हनुमान सेतु ऑब्जर्वेटरी में 201.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट
लगातार बारिश की वजह से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है, जिससे मौसम सामान्य से काफी ठंडा हो गया है। आगरा में अधिकतम तापमान 23.1°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9.2°C कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 21.2°C रहा। लखनऊ में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है; लगातार बारिश और बादलों के कारण राजधानी में दिन भर मौसम सुहावना और ठंडा रहा। राज्य के कई अन्य शहरों में भी अधिकतम तापमान सामान्य स्तर से नीचे दर्ज किया गया।
1,021 घर क्षतिग्रस्त; नुकसान का आकलन जारी
रिपोर्टों से पता चलता है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्यभर में 1,021 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 घर शामिल हैं। प्रशासन को फसल के नुकसान का तुरंत सर्वेक्षण करने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त घरों के संबंध में, पात्र परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान करने, जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और उन्हें आवास योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन नदियों के जलस्तर पर नजर रख रहा है
भारी बारिश के बीच, प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण तंत्र प्रमुख नदियों—जैसे गंगा, यमुना और घाघरा के साथ-साथ चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर कड़ी नजर रख रहे हैं। गंगा, यमुना और अन्य नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों और उन जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है जो पहले से ही बाढ़ से प्रभावित थे। हाल के दिनों में प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा गया है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और राहत शिविरों में जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। लोगों से कहा गया है कि वे नदियों और नालों में तेज बहाव वाले इलाकों में बिना जरूरत न जाएं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत फसल के नुकसान का सर्वे और आकलन करें और नियमों के अनुसार मदद दें। क्षतिग्रस्त घरों के मामले में, जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रहने की व्यवस्था करने और यह पक्का करने के निर्देश दिए गए हैं कि पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ मिले।
राहत कार्यों की मौके पर निगरानी
राहत आयुक्त ने जिला मजिस्ट्रेटों, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों और आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों को निर्देश दिया है कि वे फील्ड में रहें और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी करें। जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव कार्य चल रहे हैं। सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए लोगों को राहत सामग्री और ज़रूरी मदद दी जा रही है। प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और जलभराव वाले इलाकों में न जाने की अपील की है। आपात स्थिति में राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन (1070) पर संपर्क किया जा सकता है।
FAQ
1- मौसम विभाग ने यूपी के किन-किन जिलों में अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने यूपी के बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है।
2- प्रशासन ने लोगों से क्या अपील की है?
लोगों से कहा गया है कि वे नदियों और नालों में तेज बहाव वाले इलाकों में बिना जरूरत न जाएं।
3- पिछले 3 दिनों में राज्य में कितनी बारिश दर्ज हुई?
राज्य में 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह के बीच 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि के लिए सामान्य बारिश 7.6 मिमी है। यह सामान्य से 775 प्रतिशत ज्यादा बारिश है।
4- यूपी में बारिश और आंधी-तूफान से कितना नुकसान हुआ है?
रिपोर्टों के अनुसार, भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्यभर में 1,021 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन को फसल के नुकसान का तुरंत सर्वेक्षण करने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
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