सुल्तानपुर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, गौ रक्षा पर दिया बड़ा बयान
खबर सार :-
ज्योतिष पीठ के प्रमुख जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार को अपनी गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा के तहत सुल्तानपुर पहुंचे। उनके पहुंचने पर बड़ी संख्या में भक्त, संत और कार्यकर्ता मौजूद थे।
खबर विस्तार : -
सुल्तानपुरः स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा शनिवार को सुल्तानपुर पहुंची, जहां उनके आगमन पर श्रद्धालुओं, साधु-संतों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। पदयात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं और जयकारों के साथ उनका अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।
बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त
लंभुआ थाना क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर परिसर में शंकराचार्य के स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पहुंचकर उन्होंने भगवान बजरंगबली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों और जयकारों से मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
मीडिया से बातचीत करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गो संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में केवल प्रतीकों और नारों की राजनीति करने से गो माता की रक्षा नहीं हो सकती। इसके लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि सबसे पहले देश में गो हत्या को पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए, तभी गो संरक्षण के प्रयासों को वास्तविक सफलता मिल सकेगी।
जागरूकता फैलाने का आग्रह
उन्होंने कहा कि गौ सेवा और गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। सदियों से भारत में गौ माता को सम्मान और पूजनीय स्थान प्राप्त है, इसलिए समाज और सरकार दोनों को इस दिशा में गंभीरता से कार्य करना चाहिए। शंकराचार्य ने लोगों से भी अपील की कि वे गौ सेवा और संरक्षण के लिए आगे आएं और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाएं।
शंकराचार्य की गो प्रतिष्ठा पदयात्रा का उद्देश्य देशभर में गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण फैलाना बताया जा रहा है। पदयात्रा के माध्यम से वे लोगों को भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का संदेश दे रहे हैं।
कार्यक्रम के बाद शंकराचार्य ने अपने समर्थकों और श्रद्धालुओं से मुलाकात की तथा उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके पश्चात वे अपने अगले कार्यक्रम के लिए लखनऊ के लिए रवाना हो गए। उनके आगमन को लेकर सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।
अन्य प्रमुख खबरें
-
प्रयागराज: मसुरियादीन पासी की प्रतिमा का CM योगी ने किया अनावरण
2026-10-16
-
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में की पूजा, बोले- भारत बनेगा विश्व गुरु
2026-10-16
-
अवैध कोयला खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED का एक्शन
2026-10-16
-
राजनाथ सिंह ने लखनऊ में शोकाकुल परिवारों से मिलकर जताई संवेदना
2026-10-16
-
पटना: चुनाव आयोग कार्यालय की बढ़ाई गई सुरक्षा, प्रदर्शनकारी रोके गए
2026-10-16
-
सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत और निखिल वागले को भेजा अवमानना नोटिस
2026-10-16
-
कोरबा में सड़कों की बदहाली के खिलाफ ग्रामीण उग्र, लिखित आश्वासन की मांग
2026-10-16
-
लखनऊः बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मंत्री और मेयर ने किया निरीक्षण
2026-10-16
-
Prayagraj : तब की जरूरत postcards, अब की जरूरत digital बनी
2026-10-16
-
Crackers Factory Blast: वाराणसी में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका
2026-10-15
-
ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने के लिए रेलवे की तैयारी तेज, 250 ठिकानों पर होगी निगरानी
2026-10-15
-
यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जाएं ठोस प्रयास
2026-10-15
-
लखनऊ में दुर्गा पूजा 2026: 176 पंडालों और अनूठी थीम की भव्य शुरुआत
2026-10-15
-
Punjab Bandh: झोटा हत्याकांड और नशे के विरोध में आज पंजाब बंद
2026-10-15
-
विस्तारित क्षेत्र बढ़ जाने से कम पड़ रहा बजट, Lucknow में बाढ़ से निपटने के करने होंगे प्रबंध
2026-10-14