श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन गूंजी श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
खबर सार :-
सुल्तानपुर ज़िले की बलदीराय तहसील के बरसावां गाँव में मुख्य यजमान सरस्वती शुक्ला और राम मनोरथ शुक्ला के निजी आवास पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवें दिन, भगवान कृष्ण की मनमोहक बाल-लीलाओं का एक अत्यंत आनंददायक और भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत किया गया।
खबर विस्तार : -
सुल्तानपुरः जिले के बल्दीराय तहसील क्षेत्र अंतर्गत बरसावां गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन का आयोजन अत्यंत भावपूर्ण और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। मुख्य यजमान सरस्वती शुक्ला एवं राम मनोरथ शुक्ल के निज आवास पर चल रही इस धार्मिक कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के पांचवें दिन कथावाचक श्याम सारथी जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत मनमोहक और भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भक्ति में पूरी तरह डूब गए।
प्रेमपूर्ण प्रसंगों से भावविभोर हुए श्रद्धालु
महाराज जी ने अपने प्रवचन में श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की विभिन्न लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार बाल स्वरूप में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी चंचल और मधुर लीलाओं से गोकुल और वृंदावन वासियों का मन मोह लिया। उनके माखन चोरी, गोपियों के साथ हंसी-ठिठोली और माता यशोदा के साथ प्रेमपूर्ण प्रसंगों का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रोतागण भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान बार-बार जयकारों और भजनों की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
अपने प्रवचन के दौरान श्याम सारथी जी महाराज ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने बेटियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पुत्र जहां एक कुल का उद्धार करता है, वहीं पुत्री दो कुलों का उद्धार करने की क्षमता रखती है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि बेटियों को सम्मान दें, उन्हें शिक्षित बनाएं और सुरक्षित वातावरण प्रदान करें, क्योंकि वही समाज की असली शक्ति हैं।
नाम जप के लिए किया प्रेरित
महाराज जी ने आगे कहा कि वर्तमान कलयुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे सरल और प्रभावी साधन है। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान का नाम जपने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिल जाता है। उन्होंने लोगों को नियमित रूप से भक्ति और नाम जप करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में भगवान की मंगल आरती की गई, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रियंका पांडेय, नीशा शुक्ला, माया पांडे, नीलम पांडे, कुलदीप शुक्ल, दरोगा तिवारी, शिवाकांत शुक्ल, उमाकांत, प्रदीप कुमार, आशुतोष, इशांत, दिव्यांश, निशांत और अंश सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। मुख्य यजमान एवं संतोष शुक्ल ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
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