LIC Strike Shahpura :एलआईसी कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, 100% एफडीआई के खिलाफ कार्यालय पर जड़ा ताला
खबर सार :-
LIC Strike Shahpura : शाहपुरा में एलआईसी कर्मचारियों ने 100% एफडीआई और निजीकरण के विरोध में जोरदार हड़ताल की। जानें कर्मचारियों की मुख्य मांगें और हड़ताल का आम जनता पर क्या पड़ा असर।
खबर विस्तार : -
शाहपुरा : अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ और संयुक्त यूनियनों के आह्वान पर आज शाहपुरा में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। केंद्र सरकार की कथित 'कर्मचारी विरोधी' नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल रखी, जिससे एलआईसी कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। कर्मचारियों ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना देकर जमकर नारेबाजी की और सरकार को चेतावनी दी।
आम जनता को हुई भारी परेशानी, लेनदेन रहा ठप
हड़ताल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और बीमा धारकों पर देखने को मिला। सुबह से ही कार्यालय के गेट पर ताला लटका होने और कर्मचारियों के धरने पर बैठने के कारण प्रीमियम जमा कराने या पॉलिसी संबंधी अन्य कार्यों के लिए आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कार्यालय परिसर में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और करोड़ों का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ। धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा बीमा क्षेत्र में **100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)** की अनुमति देने के फैसले की कड़ी आलोचना की। शाखा सचिव मोहम्मद अली और उम्मेद खान सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि यह निर्णय न केवल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को कमजोर करेगा, बल्कि देश की गाढ़ी कमाई का पैसा विदेशी कंपनियों के हाथों में सौंपने जैसा है। कर्मचारियों का तर्क है कि बीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में निजीकरण और विदेशी निवेश से रोजगार के अवसर कम होंगे और भविष्य में सामाजिक सुरक्षा पर खतरा मंडराएगा।
इन प्रमुख मांगों को लेकर बुलंद की आवाज
हड़ताल के दौरान यूनियन ने सरकार के सामने अपनी मांगों का चार्टर रखा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- एफडीआई की वापसी: बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई के फैसले को तत्काल वापस लिया जाए।
- पुरानी पेंशन बहाली: कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू किया जाए।
- नई भर्तियां: विभागों में खाली पड़े पदों पर जल्द से जल्द स्थायी नियुक्तियां की जाएं।
- श्रम कानून: श्रमिकों के अधिकारों का हनन करने वाले नए श्रम कानूनों में संशोधन हो।
प्रदर्शन में इन कर्मचारियों की रही मौजूदगी
शाहपुरा में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में शाखा सचिव मोहम्मद अली के नेतृत्व में उम्मेद खान, प्रभात कुमार, अनिश कुमार, रामेश्वर लाल कहार, मनोज कुमार, महाबीर शर्मा, सुरेन्द्र सिंह, ऋषभ, अनुराग रोसिया, रौनक जोशी और भेरू सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक चेतावनी है। यदि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों के अस्तित्व को बचाने और कर्मचारियों की जायज मांगों पर गौर नहीं किया, तो आने वाले समय में इस आंदोलन को और अधिक उग्र और राष्ट्रव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा। फिलहाल, प्रशासन की कड़ी निगरानी के बीच यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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