भूमि विकास बैंक अध्यक्ष चुनाव में अव्यवस्था, नहीं हो पाया नामांकन
खबर सार :-
भूमि विकास बैंक लिमिटेड बंडा के अध्यक्ष पद के चुनाव आज होने थे लेकिन अव्यवस्था के चलते नामांकन नहीं हो पाया। नामांकन फार्म खरीदने के लिए भी प्रत्याशियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
खबर विस्तार : -
शाहजहांपुरः भूमि विकास बैंक लिमिटेड बंडा के अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी और अव्यवस्था का मामला सामने आया है। चुनाव में भाग लेने के लिए नामांकन फार्म खरीदने पहुंचे प्रत्याशियों को ब्लॉक परिसर में घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन फिर भी उन्हें नामांकन फार्म उपलब्ध नहीं कराए गए। इस दौरान कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिला, जिससे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
प्रत्याशियों ने बताया कि वे सुबह 10 बजे से ब्लॉक परिसर में बैठे रहे और लगातार इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर 3 बजे तक भी उन्हें नामांकन पत्र नहीं मिले। इस कारण उनका पर्चा दाखिल नहीं हो सका। इस दौरान ब्लॉक परिसर में समर्थकों की भीड़ बढ़ती चली गई और शाम तक भी लोग जमा रहे। समर्थकों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आक्रोश जताया।
प्रत्याशियों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि नामांकन कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारी 3 बजे तक नहीं पहुंचे, जबकि चुनावी प्रक्रिया में समयबद्धता बहुत जरूरी है। इस अव्यवस्था से चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
प्रक्रिया सुचारू कराने की मांग
उल्लेखनीय है कि इस दौरान शिव शरण सिंह, सूर्यपाल सिंह और रिशु सिंह सहित कई प्रत्याशियों का नामांकन नहीं हो पाया। प्रत्याशियों ने कहा कि यदि जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं हुई और उन्हें नामांकन का मौका नहीं मिला, तो वे विरोध प्रदर्शन तेज करने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर नामांकन प्रक्रिया को सुचारू कराने की मांग की है।
जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप से भी इस मामले पर संपर्क किया गया, लेकिन कॉल रिसीव होने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे भी प्रत्याशियों और समर्थकों का आक्रोश बढ़ गया।
प्रत्याशियों ने लगाए गंभीर आरोप
बता दें कि भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष पद के चुनाव में समय पर नामांकन न होने से चुनाव की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशासन की भूमिका और जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि जल्द ही स्थिति नियंत्रित नहीं हुई, तो संभावित प्रदर्शन और आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
प्रत्याशियों का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुरक्षित रखना और चुनाव को निष्पक्ष रूप से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे इस घटना में नजरअंदाज किया गया है। इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों की भी नजर बनी हुई है।
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