तत्काल टिकट बुकिंग हुई और सुरक्षित, रेलवे ने लागू किया अनिवार्य OTP सत्यापन

खबर सार :-

रेलवे की इस नई पहल को तत्काल टिकट प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और दलालों पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इससे आम यात्रियों को तत्काल आरक्षण सुविधा का अधिक निष्पक्ष और प्रभावी लाभ मिल सकेगा।
तत्काल टिकट बुकिंग हुई और सुरक्षित, रेलवे ने लागू किया अनिवार्य OTP सत्यापन

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आम यात्रियों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बुधवार से तत्काल आरक्षण के लिए वन टाइम पासवर्ड (OTP) आधारित सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत तत्काल टिकट तभी बुक हो सकेगा, जब यात्री के रेलवे खाते में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी का सफलतापूर्वक सत्यापन किया जाएगा।

अवैध बुकिंग पर लगेगी रोक

रेलवे का मानना है कि इस नई प्रणाली से फर्जी बुकिंग, बॉट्स (स्वचालित सॉफ्टवेयर) और दलालों के जरिए होने वाली टिकटों की अवैध बुकिंग पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे वास्तविक यात्रियों को तत्काल टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अब तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान ओटीपी केवल उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा, जो यात्री के रेलवे प्रोफाइल में पहले से पंजीकृत होगा। इसलिए यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की जांच कर लें। यदि मोबाइल नंबर बदल गया है, तो उसे समय रहते अपडेट करा लें, ताकि टिकट बुकिंग के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि बुकिंग के समय मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होना आवश्यक होगा, क्योंकि ओटीपी प्राप्त होने और उसके सत्यापन के बाद ही टिकट बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम टिकट आरक्षण प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नई व्यवस्था लागू होने के पहले ही दिन राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस सहित कुल 48 ट्रेनों के तत्काल टिकट इसी नई ओटीपी सत्यापन प्रणाली के माध्यम से जारी किए गए। रेलवे ने इसे सफल शुरुआत बताते हुए कहा कि नई प्रणाली से यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा।

जरूरतमंदों को आसानी से मिलेगी टिकट

रेलवे को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में सभी सीटें भर जाती हैं, जबकि बड़ी संख्या में आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाता। जांच में सामने आया था कि कुछ लोग बॉट्स, फर्जी आईडी और अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे और बाद में उन्हें अधिक कीमत पर बेचते थे।

इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ओटीपी आधारित सत्यापन प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। अधिकारियों का मानना है कि अब प्रत्येक टिकट बुकिंग के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सत्यापन आवश्यक होने से स्वचालित सॉफ्टवेयर और फर्जी खातों के जरिए बड़े पैमाने पर टिकट बुक करना काफी कठिन हो जाएगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन वर्मा ने बताया कि ओटीपी आधारित सत्यापन से तत्काल टिकट प्रणाली पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से अवैध टिकट कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी और वास्तविक जरूरतमंद यात्रियों को तत्काल टिकट प्राप्त करने में आसानी होगी।

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी आईआरसीटीसी प्रोफाइल में दर्ज मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को अद्यतन रखें। साथ ही, टिकट बुकिंग के समय मोबाइल फोन अपने पास रखें ताकि ओटीपी समय पर प्राप्त हो सके और निर्धारित समय के भीतर उसका सत्यापन किया जा सके।

यह भी पढ़ेंः-लखनऊ में सजेगा युवाओं का महामंच, 'माय भारत' सम्मेलन में डॉ. मनसुख मंडाविया देंगे देश निर्माण का नया विजन
 

अन्य प्रमुख खबरें