साइबर ठगी पर यूपी पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान, 1930 हेल्पलाइन और 11 सुरक्षा नियम अपनाने की अपील

खबर सार :-

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव के लिए 11 महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम जारी किए हैं। जानिए Cyber Awareness अभियान, 1930 हेल्पलाइन, डिजिटल अरेस्ट की सच्चाई, यूपीआई सुरक्षा, ओटीपी, एपीके फाइल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के जरूरी उपाय।
साइबर ठगी पर यूपी पुलिस का बड़ा जागरूकता अभियान, 1930 हेल्पलाइन और 11 सुरक्षा नियम अपनाने की अपील

खबर विस्तार : -

Lucknow : डिजिटल लेनदेन और इंटरनेट आधारित सेवाओं के बढ़ते दायरे के साथ साइबर अपराध के मामलों में भी तेजी आई है। इसी चुनौती को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों से सतर्क रहने, बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने और किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर उठाया गया कदम बड़ी आर्थिक क्षति से बचा सकता है। Cyber Awareness को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जारी इस पहल में आम लोगों के लिए 11 महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम बताए गए हैं।

आवाज, लिंक और यूपीआई के नाम पर ठगी से रहें सावधान

यूपी पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि यदि किसी परिचित की आवाज में ऑनलाइन पैसे मांगने का फोन आए तो बिना पुष्टि किए रकम न भेजें। संबंधित व्यक्ति को उसके वास्तविक मोबाइल नंबर पर कॉल कर जानकारी की पुष्टि अवश्य करें। इसी तरह यदि कोई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी या किसी संस्था का प्रतिनिधि बनकर फोन पर धनराशि, दस्तावेज या बैंक संबंधी जानकारी मांगे तो उसकी पहचान सुनिश्चित किए बिना कोई जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, एसएमएस या ई-मेल के माध्यम से मिलने वाले अनजान लिंक से भी दूरी बनाने की सलाह दी है। संदिग्ध ट्रेडिंग एप, निवेश योजनाओं या आकर्षक ऑफर के नाम पर भेजे गए लिंक साइबर अपराधियों का जाल हो सकते हैं। Cyber Awareness के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी के खाते में पैसा प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होती। यूपीआई पिन केवल भुगतान करने के समय ही इस्तेमाल किया जाता है।

बैंकिंग जानकारी और मोबाइल सुरक्षा में लापरवाही पड़ सकती है भारी

जागरूकता संदेश में कहा गया है कि कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, सीवीवी और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, फोटो या संदेशों को सत्यापन के बिना आगे भेजने से भी बचने की अपील की है, क्योंकि गलत जानकारी के जरिए भी ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।

इसके अलावा लोगों को कमीशन या लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए नहीं देने की सलाह दी गई है। यदि खाते का उपयोग किसी अवैध लेनदेन में होता है तो खाता धारक भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकता है। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ऑफर, बीमा, ऋण, सब्सिडी या अन्य योजनाओं के बहाने भेजे गए लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की सलाह दी गई है।

यूपी पुलिस ने यह भी कहा है कि व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से मिलने वाली एपीके (APK) फाइल या किसी अनजान एप को डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे एप मोबाइल की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं और निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंच सकती है। Cyber Awareness का उद्देश्य लोगों को ऐसी छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियों के प्रति सचेत करना है।

'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर धमकी से न घबराएं, तुरंत करें शिकायत

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि "डिजिटल अरेस्ट" नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है। यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी की धमकी देता है तो उस पर भरोसा न करें। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करें।

वित्तीय साइबर अपराध होने पर बिना समय गंवाए 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। वहीं संदिग्ध कॉल, चोरी या खोए हुए मोबाइल और अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल जैसी समस्याओं की सूचना संचार साथी पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है।

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि Cyber Awareness को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर और डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतकर अधिकांश साइबर ठगी से बचा जा सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा परिचितों को भी इन सुरक्षा उपायों की जानकारी दें। Cyber Awareness को बढ़ावा देने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी तरीका यही है कि Cyber Awareness को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना संबंधित एजेंसियों को दी जाए। Cyber Awareness जितनी मजबूत होगी, साइबर अपराधियों के लिए लोगों को निशाना बनाना उतना ही कठिन होगा।

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