महेश चन्द्र नवहाल बने एनपीसीसी के निदेशक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

खबर सार :-

महेश चन्द्र नवहाल की नियुक्ति पर सामाजिक, औद्योगिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न संगठनों, सहयोगियों तथा शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में एनपीसीसी देश के आधारभूत ढांचे के विकास और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
महेश चन्द्र नवहाल बने एनपीसीसी के निदेशक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अधीन कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी निर्माण कंपनी नेशनल प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनपीसीसी) में महेश चन्द्र नवहाल को निदेशक (डायरेक्टर) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में स्वीकृत की गई है। नियुक्ति संबंधी आदेश कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के माध्यम से जारी किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के निर्माण एवं अवसंरचना विकास के क्षेत्र में इसे एक महत्वपूर्ण नियुक्ति माना जा रहा है।

एनपीसीसी की स्थापना वर्ष 1957 में भारत सरकार द्वारा की गई थी। यह मिनी रत्न श्रेणी-1 का सार्वजनिक उपक्रम है और देशभर में आधारभूत संरचना विकास से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन करता है। वर्तमान में एनपीसीसी, वैपकोस लिमिटेड की सहायक कंपनी के रूप में कार्यरत है।

कंपनी बड़े बांधों, भवन निर्माण, सिंचाई परियोजनाओं, सड़क एवं पुल निर्माण, जल संसाधन विकास, विद्युत परियोजनाओं, औद्योगिक संरचनाओं तथा परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) जैसी प्रमुख परियोजनाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। देश के विभिन्न राज्यों में बुनियादी ढांचे के विकास में एनपीसीसी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

महेश चन्द्र नवहाल लंबे समय से सामाजिक, पर्यावरणीय और जनजागरण गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। वे स्वदेशी जागरण मंच में प्रांत पर्यावरण प्रमुख के रूप में दायित्व निभा रहे हैं। इसके अलावा वे जलधारा विकास संस्थान के अध्यक्ष, सनातन सेवा समिति के महामंत्री तथा बायोएंजाइम एकेडमी ऑफ इंडिया, बेंगलुरु के संस्थापक न्यासी (फाउंडर ट्रस्टी) भी हैं।

पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन के क्षेत्र में उनका कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय माना जाता है। उनके नेतृत्व में जलधारा विकास संस्थान द्वारा मां कोठारी नदी पुनर्जीवन अभियान को जनसहभागिता के साथ संचालित किया गया। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना रहा है।

इसके अतिरिक्त उनके मार्गदर्शन में भीलवाड़ा में पक्षी महोत्सव, तितली महोत्सव, पुष्प महोत्सव, गुलदाउदी महोत्सव और पुरा प्राचीन वैभव महोत्सव जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्थानीय सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहरों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

महेश चन्द्र नवहाल की प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी अनुभव और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उनकी नियुक्ति को एनपीसीसी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में कंपनी आधारभूत संरचना विकास, परियोजना प्रबंधन, जल संसाधन परियोजनाओं और सतत विकास से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में तेजी से विकसित हो रहे अवसंरचना क्षेत्र में एनपीसीसी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में अनुभवी नेतृत्व मिलने से कंपनी की कार्यक्षमता और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गति आने की उम्मीद है। साथ ही पर्यावरणीय संतुलन और सतत विकास जैसे विषयों को भी परियोजनाओं में अधिक प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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