उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में हादसा, झारखंड के एक मजदूर की मौत
खबर सार :-
उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि टनल में काम कर रहे झारखंड के एक श्रमिक की मौत हो गई।
खबर विस्तार : -
Silkyara Tunnel Collapse: उत्तराखंड के उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में हादसा होने से एक मजदूर की जान चली गई। मिली जानकारी के अनुसार मजदूर झारखंड का रहने वाला था। श्रमिक की मौत से बाकी मजदूरों में आक्रोश फैल गया। सुरक्षा को लेकर कई सवाल किए हैं। फिलहाल एनएचआईडीसीएल की टीम हादसे के कारणों की जांच में जुटी है।
उत्तरकाशी में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में हादसा
उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा टनल में 16 जुलाई गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मिली जानकारी के अनुसार रात के करीब 2 बजे टनल के भीतर शॉटक्रीट (कंक्रीट) लाइनिंग का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया। इस हादसे की चपेट में आने से एक 21 वर्षीय मजदूर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मजदूर झारखंड का रहने वाला था। हादसा टनल के बड़कोट साइड से लगभग 900 मीटर अंदर हुआ। उस समय टनल के अंदर रोज की तरह निर्माण कार्य चल रहा था, तभी अचनाक लाइनिंग का एक बड़ा ब्लॉक टूटकर नीचे गिर गया। उस समय टनल में काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। सभी मजदूरों ने मिलकर एक-दूसरे की मदद की और राहत बचाव कार्य शुरु कर घायल साथी मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इस बीच एक श्रमिक की मौत हो चुकी थी।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एनएचआईडीसीएल की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद टनल निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। बड़कोट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चन्द्र ने घटना की जानकारी देते हुए कहा, ''शव को मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है, श्रमिक के कुछ साथी नौगांव में मौजूद हैं। पुलिस नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है। परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।'' इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरु कर दी है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के असल कारणों का पता लगाया जा सकता है।
2023 में भी हुआ था हादसा
इसके पहले साल 2023 में सिलक्यारा टनल पूर्व में हादसा हुआ था। बता दें कि 12 नवंबर 2023 को एक भूस्खलन हुआ था, जिसमें 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। अंदर फंसे मजदूरों को 17 दिनों तक लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका था। इस बचाव कार्य को सबसे ऐतिहासिक रेस्क्यू का नाम दिया गया, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रही। ऐसे में एक बार फिर से निर्माण कार्य के दौरान हुए हादसे ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच और साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के अंडरग्राउंड सेक्शन का ऐलान
2026-10-14
-
यूपी में मौसम की करवट, 15-16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ होगी बारिश
2026-10-14
-
महाराष्ट्र के नालासोपारा में बिल्डिंग में लगी आग, 2 महिलाओं की मौत
2026-10-14
-
दुर्गा पूजा पर रांची में यातायात बदला, पार्किंग के लिए जगह चिन्हित
2026-10-14
-
किशोर कुमार गीतों से हमारी स्मृतियों में रहेंगे मौजूद: CM मोहन यादव
2026-10-14
-
नवरात्रि पर CM मोहन यादव जारी करेंगे ‘लाड़ली बहन योजना’ की 41वीं किस्त
2026-10-14
-
यूपी में 17 और 24 अक्टूबर को लगेंगे वोटर पंजीकरण कैंप
2026-10-13
-
पुरुलिया में माओवादियों के ठिकाने से हथियार बरामद, सर्च ऑपरेशन तेज
2026-10-13
-
यूपी में ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ा, अब मिलेंगे 3,500 रुपये
2026-10-13
-
पूर्वी चंपारण में राकेश शर्मा के ठिकाने पर छापेमारी, 27 लाख नकद बरामद
2026-10-13
-
सीपरी बाजार अपहरण-हत्या मामले में तेज हुई सुनवाई, घटनास्थल पर डीजीसी क्राइम ने समझा क्राइम सीन
2026-10-12
-
झांसी मीडिया क्लब में सदस्यता और चुनाव की तारीखों का ऐलान
2026-10-12
-
कम उम्र में बढ़ रहा गठिया का खतरा, अलग विभाग से मिलेगी राहत
2026-10-12
-
झांसी: नवदुर्गा उत्सव और डांडिया कार्यक्रमों की सुरक्षा पर VHP-बजरंग दल की मांग
2026-10-11
-
झांसी में बाबा बनकर रह रहा हरदोई का हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
2026-10-11