झांसी का ऐतिहासिक डीएवी इंटर कॉलेज विवादों में, शिक्षक विधायक ने जमीन पर व्यावसायिक कब्जे के खिलाफ खोला मोर्चा, जाँच की मांग

खबर सार :-

झांसी के 94 वर्ष पुराने डीएवी इंटर कॉलेज (DAV Inter College) की जमीन पर व्यावसायिक कब्जे के आरोपों के बाद शिक्षक विधायक बाबूलाल तिवारी ने सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
झांसी का ऐतिहासिक डीएवी इंटर कॉलेज विवादों में, शिक्षक विधायक ने जमीन पर व्यावसायिक कब्जे के खिलाफ खोला मोर्चा, जाँच की मांग

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा और उनके प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लगभग 94 साल पुराने ऐतिहासिक डीएवी इंटर कॉलेज (DAV Inter College) की बेशकीमती जमीन पर अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक विधायक (Teacher MLA) बाबूलाल तिवारी ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर राज्य सरकार से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच (High Level Inquiry) कराने और इस खेल में शामिल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कभी खेल का मैदान था, आज वहां चल रही फैक्ट्री

शिक्षक विधायक बाबूलाल तिवारी का कहना है कि साल 1932 में स्थापित हुआ डीएवी इंटर कॉलेज (DAV Inter College) अपने समय में न केवल बेहतरीन शिक्षा बल्कि अपने विशाल परिसर और खेल के मैदानों के लिए भी प्रसिद्ध था। लेकिन आज इस ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। आरोप है कि कॉलेज की भूमि के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल पूरी तरह से व्यापारिक हितों के लिए किया जा रहा है। जिस जमीन पर कभी छात्र खेलते थे और अपनी प्रतिभा निखारते थे, वहां आज विवाह घर (मैरिज गार्डन) और फैक्ट्रियां चलाई जा रही हैं। इसके साथ ही कॉलेज की मुख्य सड़क से सटी हुई जमीन पर दुकानें बनाकर उन्हें बेचने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।

छात्रों के भविष्य और विकास से खिलवाड़

विधायक ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि शिक्षा के मंदिर के रूप में पहचान रखने वाले डीएवी इंटर कॉलेज (DAV Inter College) की जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल नियमों के बिल्कुल खिलाफ है। खेल का मैदान और खुला परिसर न होने से यहाँ पढ़ने वाले विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव में छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

अधिकारियों को भेजी लिखित शिकायत, सरकार से हस्तक्षेप की गुहार

बाबूलाल तिवारी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को एक विस्तृत लिखित शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस जमीन के मालिकाना हक, इसके बदले गए स्वरूप और व्यावसायिक गतिविधियों की पूरी निष्पक्षता से जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर समय रहते इस मामले में कड़ा कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले समय में डीएवी इंटर कॉलेज (DAV Inter College) की बची-खुची जमीन भी खुर्द-बुर्द कर दी जाएगी और यह ऐतिहासिक धरोहर सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह जाएगी।"

प्रदेश स्तर पर हो शैक्षणिक जमीनों का सर्वे

शिक्षक विधायक ने मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से अपील की है कि केवल झांसी ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों व कॉलेजों की जमीनों का एक व्यापक सर्वे कराया जाना चाहिए। जहां कहीं भी शिक्षा की जमीन पर भू-माफियाओं का कब्जा है या व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं, उन्हें तुरंत ध्वस्त कर जमीन वापस स्कूल को सौंपी जाए। इसके साथ ही उन्होंने एक और सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि झांसी के सीपरी बाजार इलाके में स्थित आर्य कन्या इंटर कॉलेज की मुख्य मार्ग से लगी कई दुकानों को भी अवैध रूप से बेच दिया गया है, जहां धड़ल्ले से बाजार सज रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक मुस्तैदी और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। अगर इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई पाई जाती है, तो आने वाले दिनों में यह विवाद प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है।

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