बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, एडीएम को सौंपा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन, पलायन की दी चेतावनी

खबर सार :-

पीलीभीत में UP Electricity Department की मनमानी और बढ़ते बिजली मीटर दामों के खिलाफ व्यापारियों ने एडीएम रोशनी यादव के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 5-सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जानें क्या हैं व्यापारियों की मुख्य मांगें।
बिजली विभाग की मनमानी के खिलाफ सड़कों पर उतरे व्यापारी, एडीएम को सौंपा मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन, पलायन की दी चेतावनी

खबर विस्तार : -

पीलीभीत: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्यमियों के हितों पर कुठाराघात करने वाली नीतियों के खिलाफ आक्रोश भड़क उठा है। पीलीभीत जिले में UP Electricity Department (यूपी बिजली विभाग) के कथित तानाशाहीपूर्ण रवैये और नए-नए नियम बनाकर किए जा रहे आर्थिक शोषण के विरोध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा खोल दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर आज व्यापारियों और उद्यमियों का एक विशाल समूह सड़कों पर उतरा और कलेक्ट्रेट पहुंचकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक पांच-सूत्रीय मांग पत्र अपर जिलाधिकारी (एडीएम) रोशनी यादव को सौंपा और जल्द से जल्द हस्तक्षेप की मांग की।

बिजली की लगातार बढ़ती ने दरों दम घोंट दिया

इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष अनिल महेंद्रू कर रहे थे। कलेक्ट्रेट परिसर में मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष एम.ए. जिलानी ने बिजली महकमे पर तीखा हमला बोला। जिलानी ने दोटूक शब्दों में कहा कि वर्तमान में UP Electricity Department (यूपी बिजली विभाग) जनहित को ताक पर रखकर दमनकारी नीतियां लागू कर रहा है। बिजली की लगातार बढ़ती दरों और बेतहाशा महंगाई ने मध्यमवर्गीय व्यापारियों और बड़े उद्योगपतियों का दम घोंट दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन जनविरोधी नीतियों पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो राज्य के उद्योग और व्यापार पड़ोसी राज्यों की ओर पलायन (migration) करने के लिए विवश हो जाएंगे, जिससे प्रदेश सरकार को भारी राजस्व नुकसान (revenue loss) उठाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए नगर अध्यक्ष रणवीर पाठक ने बताया कि उपभोक्ताओं का उत्पीड़न करने वाले इन नियमों को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। ज्ञापन में शामिल पांच मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

बिजली मीटर की दरों में बेतहाशा वृद्धि वापस हो

 विभाग ने दो किलोवाट तक के छोटे व गरीब उपभोक्ताओं के लिए मीटर की कीमत 750 रुपये से सीधे बढ़ाकर 5300 रुपये कर दी है। करीब सात गुना भारी-भरकम बढ़ोतरी से गरीब जनता और छोटे दुकानदारों की रीढ़ टूट गई है। 47 लाख उपभोक्ताओं के एकतरफा बढ़े लोड को निरस्त करना: समूचे उत्तर प्रदेश में लगभग 47 लाख उपभोक्ताओं का बिजली लोड बिना किसी पूर्व नोटिस या सुनवाई के एकतरफा तरीके से बढ़ा दिया गया है। UP Electricity Department (यूपी बिजली विभाग) का यह मनमाना कदम पूरी तरह अवैध है। जब पहले से ही अधिक खपत पर डिमांड पेनल्टी वसूलने का प्रावधान है, तो इस प्रकार चुपके से लोड बढ़ाना अन्यायपूर्ण है। अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी की जबरन वसूली पर रोक: उपभोक्ताओं का लोड जबरन बढ़ाने के साथ ही विभाग अब नई दरों के अनुसार अतिरिक्त सिक्योरिटी मनी (security money) जमा करने का दबाव बना रहा है। इस अनुचित आर्थिक भार से प्रदेश की जनता के अरबों रुपये लूटने की तैयारी है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

10 प्रतिशत ईंधन अधिभार की तत्काल समाप्ति

बिजली बिलों में चुपके से जोड़ा जा रहा 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार (fuel surcharge) आम जनता के घरेलू बजट को तबाह कर रहा है। हर वर्ग को राहत प्रदान करने के लिए इस टैक्स को तुरंत हटाया जाना आवश्यक है। अघोषित बिजली कटौती पर पूर्ण विराम: युवा जिला अध्यक्ष शैली शर्मा ने जिले में जारी भयंकर और अनियमित अघोषित बिजली कटौती (power cuts) पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अघोषित कटौती के कारण स्थानीय कारखाने, कुटीर उद्योग और दुकानें बंद होने की कगार पर हैं। व्यापार को सुचारू रखने के लिए पीलीभीत में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति (uninterrupted power supply) सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल की बातों और जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे को सुनने के बाद अपर जिलाधिकारी रोशनी यादव ने व्यापारियों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि वह इस मांग पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर आज ही लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित कर देंगी। इस अवसर पर अनिल महेंद्रू, एम.ए. जिलानी, सपना यादव, रणवीर पाठक, नाहिद ख़ान, राशिद अंसारी, शैली शर्मा, ऋषभ सिंह, अतुल जायसवाल, संदीप सक्सेना, शोभनीय सिंह, पूजा, राधा, रणजीत कौर, वसीम, आसिफ ख़ान, मोहम्मद रजी अंसारी, हैदर अंसारी, केतन, अदनान, अभिलाष गुप्ता समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय व्यापारी और व्यापारिक नेता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मांगें पूरी होने तक अपना लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

अन्य प्रमुख खबरें