झांसी मंडल में वीआईपी ट्रेनों पर लगातार पथराव: गतिमान, राजधानी और वंदे भारत बनीं निशाना, सहमे यात्री

खबर सार :-

झांसी मंडल के करारी-चिरुला रेलखंड में गतिमान, राजधानी और वंदे भारत जैसी वीआईपी ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं बढ़ी हैं। रेलवे संपत्ति के नुकसान और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए आरपीएफ ने गश्त बढ़ा दी है।
झांसी मंडल में वीआईपी ट्रेनों पर लगातार पथराव: गतिमान, राजधानी और वंदे भारत बनीं निशाना, सहमे यात्री

खबर विस्तार : -

झांसी: भारतीय रेलवे के झांसी मंडल (Jhansi Division) के अंतर्गत आने वाले करारी-चिरुला रेलखंड में इन दिनों ट्रेनों पर पथराव (Train Pelting) की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। शरारती और अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे सुरक्षा एजेंसियों को सरेआम चुनौती दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि ये उपद्रवी सामान्य गाड़ियों के बजाय देश की प्रीमियम और वीआईपी ट्रेनों (VIP Trains) को अपना निशाना बना रहे हैं। पिछले महज 15 दिनों के भीतर इस रूट पर तीन बड़ी लक्जरी ट्रेनों पर हमला किया जा चुका है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और करोड़ों रुपये की रेल संपत्ति (Railway Property) को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

में ट्रेन की एक बोगी की खिड़की का शीशा चकनाचूर

वारदातों के सिलसिले पर नजर डालें तो इसकी शुरुआत बीती 26 जून को हुई, जब झांसी से हजरत निजामुद्दीन की ओर जा रही गतिमान एक्सप्रेस पर चिरुला स्टेशन के नजदीक अचानक पत्थरों की बौछार कर दी गई। इस हमले में ट्रेन की एक बोगी की खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया। इसके बाद 9 जुलाई को हजरत निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस जब करारी के पास से गुजर रही थी, तब इस पर भी भारी पथराव हुआ। अचानक हुए इस हमले से कोच के भीतर बैठे मुसाफिरों में चीख-पुकार मच गई और वे बुरी तरह डर गए।

करारी और चिरुला के बीच का इलाका संवेदनशील

अराजक तत्वों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका; 12 जुलाई को खजुराहो से हजरत निजामुद्दीन जा रही हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस को भी करारी और चिरुला स्टेशन के बीच निशाना बनाया गया। इस घटना में भी खिड़की का कांच टूट गया। लगातार हो रहे इन हमलों से यह साफ हो गया है कि करारी और चिरुला के बीच का यह पूरा इलाका अब वीआईपी ट्रेनों (VIP Trains) के संचालन के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र (Sensitive Zone) बन चुका है।

रेलवे को भारी वित्तीय नुकसान

इन हादसों के कारण न सिर्फ रेलवे को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है, बल्कि सफर कर रहे आम लोगों में भी दहशत घर कर गई है। कांच टूटने से कई बार यात्री जख्मी हो जाते हैं और गंभीर चोट लगने का अंदेशा हमेशा बना रहता है। यात्रियों की बढ़ती चिंता और सुरक्षा में चूक को देखते हुए रेलवे प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। घटनाओं की गंभीरता को भांपते हुए आरपीएफ (RPF) और दूसरी स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर इस पूरे इलाके में अपनी गश्त काफी तेज कर दी है। विशेष रूप से झांसी से दतिया के बीच के ट्रैक पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

मामले की जानकारी देते हुए आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक योगेश राणा ने बताया कि प्रभावित रूट पर सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध स्थानों की चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों की भी मदद ली जा रही है। आरपीएफ ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि ट्रेनों पर पथराव (Train Pelting) करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और पकड़े जाने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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