चाकसू में CECOEDECON निवेशकों का आंदोलन तेज, सांसद मुरारीलाल मीणा पहुंचे धरना स्थल

खबर सार :-

सांसद मुरारीलाल मीणा के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। आंदोलन को मिल रहे बढ़ते जनसमर्थन के बीच अब सभी की नजरें प्रशासन और संबंधित विभागों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
चाकसू में CECOEDECON निवेशकों का आंदोलन तेज, सांसद मुरारीलाल मीणा पहुंचे धरना स्थल

खबर विस्तार : -

चाकसू: जयपुर जिले के चाकसू स्थित शीलकी डूंगरी में राजस्थानी सहकारी महिला सेवा समिति (CECOEDECON ) में फंसी निवेशकों की जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब निर्णायक दौर में पहुंचता नजर आ रहा है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी का आमरण अनशन सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को लगातार मिल रहे जनसमर्थन के बीच दौसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद मुरारीलाल मीणा धरना स्थल पहुंचे और पीड़ित खाताधारकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सांसद के समर्थन से आंदोलन को नई मजबूती मिली, वहीं वर्षों से अपनी जमा राशि का इंतजार कर रहे खाताधारकों में न्याय मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी से की मुलाकात

धरना स्थल पर पहुंचने के बाद सांसद मुरारीलाल मीणा ने सबसे पहले आमरण अनशन पर बैठे पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने धरने पर मौजूद पीड़ित खाताधारकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। कई निवेशकों ने बताया कि उन्होंने जीवनभर की मेहनत की कमाई संस्था में जमा कराई थी, लेकिन पिछले लगभग तीन वर्षों से उनकी जमा राशि वापस नहीं मिल सकी है। उनका कहना था कि आर्थिक संकट के कारण कई परिवारों के सामने बच्चों की शिक्षा, इलाज और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन गया है।

सांसद मुरारीलाल मीणा ने कहा कि किसी भी परिवार की मेहनत की कमाई का वर्षों तक फंसा रहना अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित खाताधारकों की आवाज को सरकार और संबंधित विभागों तक पूरी मजबूती से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

सांसद ने अधिकारियों से भी मामले का शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जांच अपनी प्रक्रिया के अनुसार जारी रह सकती है, लेकिन इसके साथ ही निवेशकों को उनकी जमा राशि वापस दिलाने के लिए भी प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाए जाने चाहिए ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।

पूर्व विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों के अधिकारों की लड़ाई है जिन्होंने वर्षों की मेहनत से अपनी पूंजी जमा की थी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से खाताधारक लगातार प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष अपनी राशि वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

सोलंकी ने स्पष्ट कहा कि जब तक प्रत्येक पीड़ित निवेशक को उसकी पूरी जमा राशि वापस नहीं मिल जाती, तब तक उनका आमरण अनशन समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ इस मामले का समाधान निकालने की अपील की।

न्याय की आस में 1500 से अधिक परिवार

धरना स्थल पर मौजूद आंदोलनकारियों ने बताया कि संस्था से जुड़े करीब 1500 से अधिक परिवार अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कई खाताधारकों ने बताया कि उन्होंने अपनी जीवनभर की बचत संस्था में निवेश की थी, लेकिन राशि नहीं मिलने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में हैं। कुछ लोगों ने बताया कि बेटियों की पढ़ाई, विवाह, इलाज और घरेलू खर्च तक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

आंदोलन को समर्थन देने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस पदाधिकारी भी धरना स्थल पहुंचे। कांग्रेस नेता अनिता सोलंकी ने कहा कि पीड़ित परिवार अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों का धैर्य अब टूटने लगा है और यदि जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।

धरने में कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल मीणा, ब्लॉक अध्यक्ष भरतलाल मीणा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव कविता गुर्जर, पीसीसी सदस्य हरिनारायण चौधरी, पूर्व पालिका चेयरमैन अब्दुल हमीद खोखर, नगर अध्यक्ष लल्लूलाल कुमावत, पूर्व पालिका उपाध्यक्ष सीताराम खींची, तैयब आलम, पार्षद वशीम खान, लालाराम धाकड़, गिर्राज सैनी सहित कई जनप्रतिनिधि, कांग्रेस पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पीड़ित खाताधारक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में निवेशकों की जमा राशि जल्द लौटाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की जांच में तेजी लाई जाए और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही खाताधारकों को उनकी जमा पूंजी शीघ्र लौटाने के लिए ठोस और समयबद्ध कार्ययोजना बनाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल आर्थिक नुकसान का मामला नहीं बल्कि हजारों परिवारों के विश्वास, सम्मान और भविष्य से जुड़ा प्रश्न है।

इस बीच सहकारिता विभाग और पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। हालांकि आंदोलनकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जांच प्रक्रिया के साथ-साथ निवेशकों की फंसी राशि वापस दिलाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि केवल जांच से पीड़ित परिवारों की आर्थिक समस्याएं दूर नहीं होंगी, इसलिए राशि वापसी की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होनी चाहिए।

निवेशकों का कहना है कि वे वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि अपनी मेहनत की कमाई की वापसी चाहिए। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है और पीड़ित परिवारों को कब तक राहत मिलती है, इस पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी हुई हैं।

यह भी पढ़ेंः-झांसी के सीओ सदर रामवीर सिंह को मिला 'राष्ट्रपति का सराहनीय सेवा पुलिस पदक', एसएसपी ने किया सम्मानित
 

अन्य प्रमुख खबरें