भीलवाड़ा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

खबर सार :-

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में शीघ्र सुधार नहीं किया गया और जांच के बाद दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आमजन के हित में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
भीलवाड़ा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

खबर विस्तार : -

भीलवाड़ा: महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा में हाल ही में हुई पांच प्रसूताओं की मौत के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने सोमवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर गहरा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की। साथ ही दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।

सख्त कार्रवाई की मांग

ज्ञापन महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह और जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के जिलाध्यक्ष शिवराम जी.पी. खटीक के नेतृत्व में प्रदर्शन के बाद सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने जिले की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और आम जनता का भरोसा कमजोर हुआ है।

जिलाध्यक्ष शिवराम जी.पी. खटीक ने कहा कि यदि प्रसूताओं की मौत के मामले में किसी भी स्तर पर चिकित्सकीय या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी घटनाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं और सरकार को इन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोषियों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं देना चाहिए।

महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह ने प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि कोटा में भी स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं। यदि भीलवाड़ा में समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने एडीएम (प्रशासन) प्रतिभा तिवाड़िया को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि गठित जांच समिति निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करे तथा दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जवाबदेही तय करने की मांग

एडवोकेट कुणाल ओझा ने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से प्रसूताओं की मौत की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा महात्मा गांधी चिकित्सालय की चिकित्सा एवं मातृ स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यापक समीक्षा कर कमियों को दूर करना आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

ज्ञापन में मृतक महिलाओं के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक ऑडिट कराने, चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ के रिक्त पदों को तत्काल भरने, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा अस्पताल प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि जांच रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर सार्वजनिक की जाए ताकि पूरे मामले में पारदर्शिता बनी रहे।

प्रदर्शन के दौरान नगर परिषद की पूर्व सभापति मंजू पोखरना, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष (शहर) रेखा हिरण, नेता प्रतिपक्ष धर्मेंद्र पारीक, राजेश चौधरी, मनोज पालीवाल, राजेंद्र जैन, किशन चौधरी, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष हमीद रंगरेज, भावेश पुरोहित, हारून रंगरेज, सत्यवीर सिंह सांकरिया, अनिल राठी सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मातृ स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और सरकार को इस पूरे प्रकरण में संवेदनशीलता तथा जवाबदेही के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।

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