Bomb Threat: राजस्थान हाईकोर्ट को 8 महीनों में 13वीं बार मिली बम से उड़ाने की धमकी

खबर सार :-

राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ को बम से उड़ाने की धमकी मिली। हाईकोर्ट प्रशासन की ई-मेल आईडी पर यह धमकी भरा ई-मेल भेजा गया। सोमवार सुबह सघन तलाशी में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट को पिछले 8 महीनों में 13वीं बार बम की धमकी मिल चुकी है।
Bomb Threat: राजस्थान हाईकोर्ट को 8 महीनों में 13वीं बार मिली बम से उड़ाने की धमकी

खबर विस्तार : -

जयपुर: राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर बेंच को एक और बम की धमकी मिलने के बाद सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। रविवार देर रात 12:19 बजे हाई कोर्ट प्रशासन की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। 

ईमेल में दावा किया गया कि हाई कोर्ट परिसर में छह जिलेटिन बम लगाए गए हैं। ईमेल में लिखा था, "हमारा मकसद जनता को नुकसान पहुंचाना नहीं है, लेकिन इमारत को नुकसान पहुंचाया जाएगा।" सोमवार सुबह दफ्तर खुलने पर हाई कोर्ट प्रशासन ने ईमेल देखा और तुरंत पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया। 

पूरे परिसर में ली तलाशी

कोर्ट की कार्यवाही शुरू होने से पहले पूरे परिसर को खाली करा लिया गया और बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वॉड ने चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली। तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद, सुबह करीब 9:30 बजे हाई कोर्ट परिसर को फिर से खोल दिया गया और न्यायिक कामकाज तय समय पर शुरू हुआ।

मुख्य भवन के आसपास आवाजाही रोकी

तलाशी अभियान के दौरान, मुख्य हाई कोर्ट परिसर—'सत्यमेव जयते' भवन के साथ-साथ नई और पुरानी दोनों इमारतों की बारीकी से जांच की गई। मुख्य भवन के आसपास आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई थी। बम निरोधक दस्ते ने डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर हर हिस्से की जांच की। एहतियात के तौर पर, मौके पर सिविल डिफेंस टीम, एम्बुलेंस और दमकल गाड़ियां भी तैनात की गई थीं।

संदिग्ध ईमेल की जांच करेंगे साइबर विशेषज्ञ 

अशोक नगर स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) मोतीलाल शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और परिसर की व्यापक तलाशी के लिए बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को बुलाया। कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया गया। साइबर विशेषज्ञ संदिग्ध ईमेल की जांच करेंगे और आगे की जांच के लिए अशोक नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया जाएगा।

ईमेल भेजने के लिए प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल

हाई कोर्ट सुरक्षा प्रभारी सब-इंस्पेक्टर तारा चंद ने बताया कि ईमेल मिलने के बाद परिसर में मौजूद सभी लोगों को बाहर निकाल दिया गया और पूरी इमारत की जांच की गई। तलाशी पूरी होने के बाद ही लोगों को दोबारा अंदर आने की अनुमति दी गई। जांच एजेंसियों का मानना ​​है कि धमकी भरे ईमेल भेजने वाले VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी असल लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स अब ईमेल के सोर्स की जांच करने और तकनीकी सबूतों का विश्लेषण करने में जुटे हैं।

आठ महीनों में 13वीं बार मिली धमकी

गौरतलब है कि पिछले साढ़े आठ महीनों में यह 13वीं बार है जब राजस्थान हाई कोर्ट को बम की धमकी मिली है। पहली धमकी 31 अक्टूबर, 2025 को मिली थी। इसके बाद, 5, 8, 9, 10 और 11 दिसंबर, 2025 को लगातार ईमेल भेजे गए। 2026 में, 6, 17, 19, 20 और 25 फरवरी, 17 मार्च, 13 अप्रैल और हाल ही में 13 जुलाई को धमकियां मिलीं। लगातार धमकियों के बावजूद, अब तक इनमें से किसी भी मामले में तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनीं धमकियां

हाल के समय में, राजस्थान में हाई कोर्ट के अलावा कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों—जैसे विधानसभा, SMS स्टेडियम, स्कूलों, अस्पतालों, पोस्ट ऑफिस और पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं। हालांकि इनमें से किसी भी मामले में तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक नहीं मिला है, फिर भी धमकियों का यह सिलसिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

 

यह भी पढ़ेंः- अब AI संभालेगा जयपुर का ट्रैफिक, जानें किस तरह काम करेगा स्मार्ट सिस्टम

अन्य प्रमुख खबरें