Assam Flood: असम में सिमट रहा बाढ़ का दायरा, धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही जिंदगी
खबर सार :-
असम में बाढ़ का दायरा सिमट रहा है। एएसडीएमए की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार अब असम का एक जिला धेमाजी बाढ़ से प्रभावित है। राज्य की नदियां भी उच्चतम बाढ़ के स्तर से नीेचे बह रही हैं। लोगों की जिंदगी अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।
खबर विस्तार : -
गुवाहाटी: रविवार को असम में बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार हुआ। अब सिर्फ एक जिला बाढ़ से प्रभावित है और किसी के हताहत होने की कोई नई खबर नहीं है। यह जानकारी असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी नवीनतम बाढ़ बुलेटिन में दी गई।
असम में अब केवल एक जिला बाढ़ से प्रभावित है। ASDMA के अनुसार, धेमाजी अब राज्य का एकमात्र बाढ़ प्रभावित जिला है। यहां, कटखल नदी अभी भी मतिजुरी इलाके में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि, राज्य की कोई भी नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर नहीं बह रही है।
26 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न
धेमाजी और जोनाई राजस्व क्षेत्रों के 3 गांव बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं। लगभग 26 हेक्टेयर कृषि भूमि अभी भी जलमग्न है। कुल 1,367 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें 442 महिलाएं, 438 पुरुष और 487 बच्चे शामिल हैं।
राहत शिविर में 38 लोगों ने ली शरण
प्रशासन ने बाढ़ से लोगों की मदद करने के लिए जोनाई में एक राहत शिविर और एक राहत वितरण केंद्र स्थापित किया है। वर्तमान में, राहत शिविर में 38 लोग रह रहे हैं, जिनमें 13 पुरुष, 18 महिलाएं और 7 बच्चे शामिल हैं। राहत वितरण केंद्र में अभी कोई नहीं रह रहा है।
112 कच्चे मकान नष्ट, 3,726 पशु प्रभावित
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी बुलेटिन में कहा है कि राज्य में बाढ़ के इस दौर में किसी की मौत या लापता होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, 3,726 जानवर प्रभावित हुए हैं, जिनमें 1,590 बड़े जानवर और 2,136 छोटे जानवर शामिल हैं। बाढ़ के कारण 112 कच्चे (अस्थायी/मिट्टी के) घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं, जबकि 16 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, पशु शेड सहित 20 अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
16 आंगनवाड़ी केंद्रों को नुकसान
सरकारी एजेंसियों के अनुसार, जोनाई में 16 आंगनवाड़ी केंद्रों को नुकसान पहुंचा है। इनमें फर्श का टूटना और पानी के पंप व पाइपलाइन कनेक्शन को नुकसान पहुंचना शामिल है। इसके अलावा, रुक्मिणी अली हाई स्कूल नामक एक माध्यमिक विद्यालय को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे उसके फर्श, दीवारें, दरवाजे और खिड़कियां प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा किसी भी सड़क, पुल या तटबंध को नुकसान नहीं पहुंचा है।
धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात
बाढ़ से प्रभावित जिलों में रविवार को राहत अभियान नहीं चलाया गया। मालूम हो कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए हेलिकाॅप्टर की मदद ली जा रही थी। मिली जानकारी के अनुसार, जोनाई में चल रहा राहत शिविर रविवार को बंद कर दिया गया, क्योंकि वहां रुके सभी लोग अपने घरों को लौट चुके थे। यह शिविर तेलम ट्राइबल हाई स्कूल में बनाया गया था। इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने प्रभावित पशुओं के लिए चारा बांटा, जिसमें 125.53 क्विंटल गेहूं का चोकर भी शामिल था।
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