बिहार में पर्यटन को लगेंगे पंख, धार्मिक स्थलों पर विकसित की जा रहीं सुविधाएं

खबर सार :-

बिहार सरकार पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि पर्यटन से जुड़ी कई योजनाओं पर काम चल रहा है। इस साल मई महीने में 3.42 करोड़ पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया।
बिहार में पर्यटन को लगेंगे पंख, धार्मिक स्थलों पर विकसित की जा रहीं सुविधाएं

खबर विस्तार : -

पटना: बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक खास पर्यटन स्थल के तौर पर स्थापित करने के लिए कई तरह की योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का सर्वांगीण विकास करने, पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।

2025 में आए 6 करोड़ से अधिक पर्यटक

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मीडिया हॉल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन विभाग की योजनाबद्ध और दीर्घकालिक पहल के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। साल 2025 में बिहार में 6,62,12,415 पर्यटक आए, जबकि अकेले मई 2026 तक 3,42,34,761 पर्यटक राज्य का दौरा कर चुके थे। उन्होंने कहा कि यह बिहार में पर्यटन के प्रति बढ़ते भरोसे और इसकी संभावनाओं का सबूत है।

धार्मिक स्थलों पर विकसित की जा रहीं सुविधाएं 

मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य योजना मद के तहत 1,301 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं को मंजूरी दी गई है। साथ ही, 'प्रगति यात्रा-2025' के दौरान पर्यटन स्थलों के विकास को लेकर की गई 36 घोषणाओं से जुड़े 2,710.31 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें पुनौराधाम में माता सीता का जन्मस्थान, सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर, राजगीर, वाल्मीकिनगर, फुलहर, सिंहेश्वर, कुशेश्वरस्थान, पटना हाट और तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब शामिल हैं।

कई योजनाओं को मंजूरी, बढ़ेगा रोजगार

पर्यटन मंत्री ने आगे घोषणा की कि साल 2026-27 के लिए 'मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना', 'सिंधु दर्शन तीर्थयात्रा वित्तीय सहायता योजना' और 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-पर्यटन और हवाई पर्यटन सेवा योजना' को मंजूरी दी गई है। ये योजनाएं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी। 

श्रावणी मेले के लिए चल रहीं तैयारियां

उन्होंने बताया कि भागलपुर, बांका और मुंगेर सहित संबंधित क्षेत्रों में श्रावणी मेला 2026 के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही हैं। तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए टेंट सिटी, इन्फॉर्मेशन सेंटर, लाइटिंग की व्यवस्था, थीम-बेस्ड एंट्री गेट, लेजर शो, ड्रोन शो, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रशासनिक सुविधाएं जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। 

राज्य को विश्व-स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने पर जोर

इस मौके पर पर्यटन विभाग की पत्रिका 'यायावर' भी लॉन्च की गई। विभाग के विशेष सचिव-सह-निदेशक उदयन मिश्रा ने बताया कि बिहार सरकार पर्यटन विकास को स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग राज्य को एक सुरक्षित, आधुनिक और विश्व-स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के लिए एक समय-सीमा वाले एक्शन प्लान के तहत काम कर रहा है।

 

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