फार्मर रजिस्ट्री न होने पर रुकेगी पीएम किसान सम्मान निधि, झांसी किसान दिवस में सीडीओ की बड़ी कार्रवाई; लापरवाह जेई का वेतन रोका

खबर सार :-

झांसी किसान दिवस में सीडीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह बिजली जेई का वेतन रोकने और खाद वितरण में गड़बड़ी की जांच के आदेश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि 50 हजार किसान तुरंत अपनी farmer registry कराएं, अन्यथा पीएम किसान योजना का लाभ बंद हो जाएगा।
फार्मर रजिस्ट्री न होने पर रुकेगी पीएम किसान सम्मान निधि, झांसी किसान दिवस में सीडीओ की बड़ी कार्रवाई; लापरवाह जेई का वेतन रोका

खबर विस्तार : -

झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित 'किसान दिवस' हंगामेदार और कड़े फैसलों भरा रहा। किसानों की समस्याओं को लेकर इस बार प्रशासन बेहद तल्ख तेवर में नजर आया। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने मंच से साफ तौर पर चेतावनी दी कि किसानों के हितों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान दिवस सरकार की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है, इसलिए शिकायतों के निस्तारण में कोई भी कोताही सीधे तौर पर अनुशासनहीनता मानी जाएगी।

50 हजार किसानों पर मंडराया संकट, जल्द कराएं 'फार्मर रजिस्ट्री'

बैठक के दौरान सबसे गंभीर विषय किसानों के पंजीकरण का रहा। सीडीओ ने आंकड़ों के साथ चिंता जताते हुए कहा कि जिले के लगभग 50,000 किसानों ने अभी तक अपनी फार्मर रजिस्ट्री (farmer registry) नहीं करवाई है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो संबंधित किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के साथ-साथ खाद और अन्य सभी सरकारी अनुदानों व सुविधाओं से पूरी तरह वंचित हो जाएंगे।

प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • झांसी तहसील: सबसे ज्यादा 16,518 किसानों की रजिस्ट्री पेंडिंग है।
  • गरौठा तहसील: यहाँ 14,491 किसानों का पंजीकरण होना अभी बाकी है।
  • टहरौली तहसील: इस क्षेत्र में सबसे कम 300 किसानों की रजिस्ट्री लंबित पाई गई है।

सीडीओ ने कृषि विभाग के अधिकारियों को युद्ध स्तर पर विशेष अभियान चलाकर इस पेंडेंसी को जल्द से जल्द शून्य पर लाने के निर्देश दिए हैं।

टालमटोल करने वाले विद्युत विभाग के जेई पर गिरी गाज

बैठक में चिरगांव विकासखंड के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग से आए किसान राजीव सिंह ने बिजली विभाग के रवैये को लेकर अपनी पीड़ा साझा की। पीड़ित किसान ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने से उनके निजी ट्यूबवेल की डीपी खराब हो गई थी। उन्होंने इसकी आधिकारिक शिकायत टोल फ्री नंबर 1912 पर भी दर्ज कराई थी। इसके बावजूद, बिजली विभाग के संबंधित अवर अभियंता (JE) सदगुरु शरण ने काम करने के बजाय किसान के सामने ग्राम प्रधान की सील व हस्ताक्षर लाने की अजीब शर्त रख दी। किसान की इस शिकायत को सुनते ही सीडीओ सब्बनवाड का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह जेई का वेतन तुरंत प्रभाव से रोकने (बाधित करने) के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही अधिशासी अभियंता को खुद अपनी निगरानी में किसान की समस्या का तुरंत हल निकालने को कहा।

खाद वितरण में मनमानी करने वाली समितियों पर कसता शिकंजा

बैठक में किसानों ने हाथी नोटा सोसाइटी सहित कई अन्य सहकारी समितियों पर खाद वितरण में भारी गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगाए। किसानों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर खाद नहीं मिल रही और परेशान किया जा रहा है। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए सीडीओ ने आरोपी समितियों के खिलाफ जांच बैठाने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद का वितरण केवल और केवल 'पॉश मशीन' के माध्यम से ही किया जाए, ताकि हर बोरी का हिसाब पारदर्शी रहे। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि हर दुकान पर खाद की आधिकारिक मूल्य सूची बड़े अक्षरों में टंगी होनी चाहिए, ताकि कोई भी दुकानदार किसानों से ओवररेटिंग न कर सके।

आपातकाल में सीधे करें संपर्क

बैठक में किसानों को आगजनी जैसी घटनाओं से सचेत रहने की सलाह दी गई। प्रशासन ने अपील की कि यदि खेतों या आस-पास कहीं भी आग लगने की घटना होती है, तो किसान बिना समय गंवाए तत्काल फायर सर्विस को 101 या यूपी डायल 112 पर कॉल करके सूचित करें। इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन उप कृषि निदेशक बुद्धदेव द्विवेदी ने किया। बैठक में प्रमुख किसान नेताओं- महेंद्र शर्मा, कमलेश लंबरदार, राजेश कुमार बिरगुंआ, सुनील रिछारिया और सुरेंद्र पुरातिनी सहित भारी संख्या में किसान और कृषि, उद्यान, सिंचाई व बीमा कंपनी के आला अधिकारी मौजूद रहे।

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