पुरी रथ यात्रा में कथित भगदड़ जैसी स्थिति, एक श्रद्धालु की मौत का दावा; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

खबर सार :-

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा दौरान भगदड़ की सूचना आई है। दावा किया जा रहा कि इस दौरान एक श्रद्धालु की मौत भी हुई है लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है।
पुरी रथ यात्रा में कथित भगदड़ जैसी स्थिति, एक श्रद्धालु की मौत का दावा; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

खबर विस्तार : -

पुरी: ओडिशा के पुरी में गुरुवार को आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान कथित तौर पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने से एक श्रद्धालु की मौत होने का दावा किया गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस खबर के लिखे जाने तक न तो किसी श्रद्धालु की मौत और न ही भगदड़ की आधिकारिक पुष्टि की गई है। घटना के बाद कई श्रद्धालुओं के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

कई श्रद्धालुओं को गंभीर चोटों का दावा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना मरीचि कुंड चौक के पास हुई, जहां भारी भीड़ के बीच अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि या तो बाहरी सुरक्षा घेरे की रस्सी से बनी बैरिकेडिंग गिर गई या कुछ लोगों का संतुलन बिगड़ने से वे सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद पीछे से आ रही भीड़ के दबाव के कारण कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए।

प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि उन्होंने करीब 40 से 50 श्रद्धालुओं को एक-दूसरे के ऊपर गिरते हुए देखा। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जबकि चार से पांच श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं की मदद से करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की मौत हो गई है। हालांकि, इस दावे की अभी तक प्रशासन ने पुष्टि नहीं की है।

सूत्रों के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान उमड़ी भारी भीड़ और लगातार हो रही बारिश के कारण कई श्रद्धालुओं को घुटन, चक्कर आने और चोट लगने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि अब तक लगभग 200 लोगों को पुरी के विभिन्न अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों में भर्ती कराया गया है। इनमें अधिकांश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कुछ लोगों का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से इन आंकड़ों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

शामिल होते हैं लाखों श्रद्धालु

गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथ यात्रा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे। यह उत्सव हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है और हर वर्ष इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

रथ यात्रा की शुरुआत निर्धारित समय से पहले 'पहंडी बीजे' अनुष्ठान के साथ हुई। इस पारंपरिक रस्म के तहत भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अन्य विग्रहों को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा के माध्यम से उनके सजे-धजे रथों तक लाया गया।

पूरे अनुष्ठान के दौरान घंटा, कहली और तेलिंगी बाजा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधियां संपन्न कराईं, जबकि ओडिसी नृत्य कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भगवान का स्वागत किया। इसके बाद देवताओं की नौ दिवसीय यात्रा गुंडिचा मंदिर के लिए प्रारंभ हुई, जिसे भगवान जगन्नाथ का जन्मस्थान माना जाता है।

हालांकि 'पहंडी बीजे' अनुष्ठान तय समय से पहले शुरू हो गया था, लेकिन इसके समापन में दो घंटे से अधिक की देरी हुई। भारी भीड़ और मौसम की परिस्थितियों के कारण प्रशासन को श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित करने में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

फिलहाल, कथित भगदड़ और श्रद्धालु की मौत के दावे को लेकर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि किसी प्रकार की घटना की पुष्टि होती है, तो उसके कारणों और परिस्थितियों की जांच की जा सकती है। वहीं, प्रशासन श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।

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