दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, गोल्डी बराड़-लिपिन नेहरा गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, हथियार  बरामद

खबर सार :-

क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से गैंग के हथियार नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है। पुलिस संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, गोल्डी बराड़-लिपिन नेहरा गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, हथियार  बरामद

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को मंगलवार को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली। क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वॉड (एजीएस) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोल्डी बराड़-लिपिन नेहरा गैंग के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं और पुलिस के अनुसार गैंग के लिए हथियारों की सप्लाई तथा रंगदारी से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।

रंगदारी और फायरिंग के आरोप

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रणदीप उर्फ रिंकू (36) और हितेश कुमार (23) के रूप में हुई है। रणदीप हरियाणा के झज्जर और हितेश रेवाड़ी का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने दोनों के पास से छह आधुनिक फायरआर्म्स, आठ जिंदा कारतूस और दो सिंगल शॉट पिस्टल बरामद की हैं। इसके अलावा आरोपियों के इस्तेमाल में लाई जा रही एक कार को भी जब्त किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपी गैंग के लिए अवैध हथियारों की व्यवस्था करने और रंगदारी से वसूली गई रकम को गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचाने का काम करते थे। यह गतिविधियां कथित तौर पर गैंग के सदस्य लिपिन नेहरा के निर्देश पर की जा रही थीं। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी हरियाणा में रंगदारी और फायरिंग से जुड़े कई मामलों में शामिल रहे हैं।

क्राइम ब्रांच अब गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस का उद्देश्य हथियारों के वास्तविक स्रोत का पता लगाना, सप्लाई नेटवर्क को उजागर करना और गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचना है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों में से एक ने हरियाणा के एक कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। पुलिस के मुताबिक, पिछले साल आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लिपिन नेहरा के निर्देश पर कारोबारी को धमकियां दी थीं। इस मामले में गैंग की भूमिका और उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस को थी कई दिनों से तलाश

जांच एजेंसियों के अनुसार, कनाडा में बैठे लिपिन नेहरा द्वारा भारत में सक्रिय अपने साथियों को एन्क्रिप्टेड सिग्नल ऐप के माध्यम से निर्देश दिए जाते थे। पुलिस का दावा है कि गैंग के सदस्य इसी माध्यम से अवैध हथियारों की खरीद, सप्लाई और अन्य आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाते थे।

पुलिस के मुताबिक, गैंग ने विशेष रूप से हितेश और रणदीप राठी को हथियारों की खेप हासिल करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय गैंग नेटवर्क के लिए हथियार उपलब्ध कराने का काम कर रहे थे।

दिल्ली और आसपास के राज्यों में बढ़ते संगठित अपराध, रंगदारी और अवैध हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए क्राइम ब्रांच की एंटी-गैंगस्टर स्क्वॉड को ऐसे अपराधियों की पहचान और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके तहत पुलिस टीम ने गैंग से जुड़े सदस्यों, उनके संपर्कों, ठिकानों और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटानी शुरू की।

पुलिस टीम ने मानव खुफिया तंत्र और गुप्त मुखबिरों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गैंग के कुछ सदस्य हथियारों की खेप लेकर दिल्ली में आने वाले हैं। इसके बाद टीम ने दिल्ली के द्वारका क्षेत्र में यूईआर-2 के पास ताजपुर इलाके में जाल बिछाया।

निगरानी के दौरान आरोपी कार से आते हुए दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से तैयार टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए।

फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गैंग अवैध हथियारों की सप्लाई कैसे संचालित करता था, हथियारों की खेप कहां से आती थी और उन्हें दिल्ली-एनसीआर में किन लोगों तक पहुंचाया जाता था। इसके अलावा रंगदारी वसूलने के लिए गैंग किस तरह कारोबारियों और अन्य लोगों को निशाना बनाता था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।

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