नागपुर को मिली 484 करोड़ की आधारभूत परियोजनाओं की सौगात, नितिन गडकरी ने किया ये ऐलान

खबर सार :-

नितिन गडकरी ने नागपुर में 484 करोड़ रुपये की 9 आधारभूत परियोजनाओं का लोकार्पण किया। पारडी में फ्लाईओवर के साथ आधुनिक सब्जी मंडी और स्पोर्ट्स क्लब बनेगा, जबकि राज्य में 145 रेलवे ओवरब्रिज बनाने की योजना की घोषणा की गई।
नागपुर को मिली 484 करोड़ की आधारभूत परियोजनाओं की सौगात, नितिन गडकरी ने किया ये ऐलान

खबर विस्तार : -

नागपुरः केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को नागपुर में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि पारडी क्षेत्र में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के साथ स्थानीय व्यापारियों की सुविधा के लिए एक आधुनिक सब्जी मंडी और स्पोर्ट्स क्लब का भी निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 150 करोड़ रुपये होगी, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से 40 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा।

विकास परियोजनाओं की दी जानकारी

नितिन गडकरी नागपुर के वर्धमाननगर रेलवे क्रॉसिंग पर निर्मित चार लेन के रोड ओवरब्रिज (आरओबी) सहित राज्य में 484 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नौ महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से नागपुर की यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी और शहर के विकास को नई गति मिलेगी।

गडकरी ने कहा कि पूर्वी नागपुर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शैक्षणिक संस्थानों का विस्तार हुआ है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। इसके साथ ही कचरे से सीएनजी उत्पादन की परियोजना भी शुरू होने जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने महाराष्ट्र रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महारेल) की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि संस्था राज्य में कई आधारभूत परियोजनाओं को तेजी से पूरा कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर मेट्रो परियोजना ने शहर की पहचान राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत की है और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में यह एक सफल मॉडल बनकर उभरी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गिनाई उपलब्धि

कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी राज्य सरकार की आधारभूत विकास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक, कुशल और तकनीक आधारित परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत अगले तीन वर्षों में पूरे महाराष्ट्र को रेलवे फाटक मुक्त बनाने की दिशा में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्तमान में कुल 524 रेलवे फाटक हैं। इनमें से जिन रेलवे फाटकों पर प्रतिदिन 10 हजार से अधिक वाहनों का आवागमन होता है, वहां प्राथमिकता के आधार पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुल 145 रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है और इन सभी परियोजनाओं को अगले तीन वर्षों के भीतर महारेल द्वारा पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

फडणवीस ने कहा कि रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार, देशभर में रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं में हर वर्ष लगभग 21 हजार लोगों की मृत्यु होती है। इसी कारण राज्य सरकार ने रेलवे फाटक मुक्त महाराष्ट्र का लक्ष्य तय किया है, ताकि सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने नागपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बुनियादी विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर सड़क नेटवर्क, रेलवे ओवरब्रिज, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिला है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होने से युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिली है।

फडणवीस ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भगवान संभवनाथ चौक से डिप्टी सिग्नल मार्ग तक बनने वाले रेलवे ओवरब्रिज का नाम पूर्व महापौर बाहरीनबाई सोनबोईर के सम्मान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के विकास में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधियों के कार्यों को सम्मान देना आवश्यक है।

इस अवसर पर राज्य के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, वित्त राज्य मंत्री एडवोकेट आशिष जयस्वाल, विधायक कृष्णा खोपड़े, चरणसिंह ठाकुर, महापौर नीता ठाकरे, स्थायी समिति की अध्यक्ष शिवानी दाणी, महारेल के महाप्रबंधक राजेशकुमार जयस्वाल, दयाशंकर तिवारी, नगर निगम के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

राज्य सरकार और केंद्र सरकार का मानना है कि इन नई आधारभूत परियोजनाओं से नागपुर की परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बनेगी। साथ ही व्यापार, शिक्षा, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी, जिससे शहर को देश के प्रमुख विकसित शहरी केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

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