पूरनपुर में संयुक्त किसान संगठनों का बड़ा आंदोलन, सीओ कार्यालय का घेराव
खबर सार :-
शुक्रवार को, किसान संगठनों के एक गठबंधन ने गेहूं की खरीद में हो रही देरी और प्रशासन की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ विरोध की एक बुलंद आवाज़ उठाई। किसानों ने तहसील क्षेत्र में सर्किल ऑफिसर (CO) के कार्यालय का घेराव कर लिया है और अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी है।
खबर विस्तार : -
पीलीभीतः पूरनपुर में गेहूं खरीद में देरी और प्रशासन की कथित दमनकारी नीतियों के विरोध में शुक्रवार को संयुक्त किसान संगठनों ने बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया। किसानों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय का घेराव करते हुए अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और गिरफ्तारी देने की मांग भी रखी। आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए, जिससे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह आंदोलनमय हो गया।
नए नियमों से बढ़ी किसानों की परेशानी
धरना दे रहे किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार ने 31 मार्च से गेहूं खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन 10 अप्रैल तक भी मंडियों और क्रय केंद्रों पर खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। इससे किसानों को अपनी तैयार फसल बेचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर गेहूं खेतों में तैयार खड़ा है, वहीं दूसरी ओर ‘फार्मर रजिस्ट्री’ जैसे नए नियम लागू कर किसानों को और परेशान किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। कई स्थानों पर क्रय केंद्र बंद पड़े हैं, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने पुलिस प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जो किसान नेता उनकी आवाज उठाते हैं, उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
प्रशासन पर लगाए आरोप
किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रशासन बातचीत के बजाय दबाव की नीति अपना रहा है, जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी के विरोध में किसान सुबह करीब 11 बजे सीओ कार्यालय पहुंचे और वहीं दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। आसपास के कई थानों की फोर्स भी बुलाई गई है, ताकि किसी भी स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, किसान शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से बातचीत करने से इनकार कर दिया है।
किसानों की मांग है कि जिला अधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं मौके पर आकर उन्हें गेहूं खरीद शुरू कराने और दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन दें। जब तक यह मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसान धरना जारी रखेंगे और गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं।
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