Pilibhit: 9 दिन बाद भी लापता युवती का नहीं मिला सुराग, पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
खबर सार :-
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी बहन की बरामदगी नहीं हुई, तो वे उच्चाधिकारियों के समक्ष गुहार लगाएंगे और विरोध प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
खबर विस्तार : -
पीलीभीत: जनपद के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र से एक युवती के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और लापरवाही के कारण घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद भी युवती का कोई सुराग नहीं लग सका है।
28 मार्च को दर्ज कराई थी रिपोर्ट
मामले की जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ने अपनी बहन की गुमशुदगी 28 मार्च 2026 को थाना सुनगढ़ी में दर्ज कराई थी। परिजनों को उम्मीद थी कि पुलिस सक्रियता दिखाते हुए जल्द ही उनकी बेटी को तलाश लेगी, लेकिन नौ दिन बीत जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे लगातार थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। भाई का आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने मोबाइल लोकेशन या सीसीटीवी फुटेज खंगालने में तत्परता नहीं दिखाई। जांच अधिकारी द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। घर में मातम का माहौल है और अनहोनी की आशंका से परिवार दहशत में है। पीड़ित भाई ने कहा, "हमने समय पर सूचना दी, सारे तथ्य बताए, फिर भी पुलिस की सुस्ती समझ से परे है। आखिर कब तक हमें अपनी बहन की सुरक्षा के लिए दर-दर भटकना होगा?"
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताई चिंता
इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही और पुलिस की गश्त पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। शहर के बीचों-बीच स्थित थाना सुनगढ़ी क्षेत्र से युवती का गायब होना और इतने दिनों तक कोई सुराग न मिलना पुलिस की निगरानी और इंटेलिजेंस की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग बेहद आवश्यक है। मोबाइल ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज और आसपास के इलाकों में जांच के बिना समय गवाना परिवार के लिए मानसिक कष्ट और सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ा देता है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले पर चिंता जताई है और प्रशासन से तत्काल सक्रियता दिखाने की मांग की है। सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस किसी बड़े दबाव में है और महिलाओं की सुरक्षा के दावे जमीनी हकीकत में कितने असरदार हैं।
इस समय पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है और परिवार के लोग पुलिस से निरंतर जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन की सक्रियता ही इस मामले में युवती की सुरक्षा और जल्द पता लगाने की संभावना तय करेगी।
अन्य प्रमुख खबरें
-
झारखंड में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, रांची समेत 10 जिलों में अलर्ट
2026-09-01
-
बैंक फ्रॉड में CBI कोर्ट का बड़ा फैसला, 7 दोषियों को सजा
2026-09-01
-
अल्मोड़ा में बारिश के बाद ढहा मकान, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
2026-09-01
-
बहराइचः आंगन से किसान को खींच ले गया बाघ, आधा-अधूरा शव मिलने पर दहशत
2026-09-01
-
राष्ट्रधर्म की यात्रा में निरंतरता जरूरी: स्वांत रंजन
2026-09-01
-
लखनऊ में छात्राओं के लिए करियर मार्गदर्शन और सुरक्षा जागरूकता अभियान
2026-08-31
-
यूपी में बाढ़ से 1.70 लाख लोग प्रभावित, 17 जिलों में राहत-बचाव तेज
2026-08-31
-
तमिलनाडु में सीएम विजय ने 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ायी दूध की कीमतें
2026-08-31
-
उज्जैन में आज निकलेगी बाबा महाकाल की पांचवी सवारी, जानें पूरा रूट
2026-08-31
-
मध्य प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 11 जिलों में अलर्ट
2026-08-31
-
इंजन के आगे युवक को देख लोको पायलट ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक, तनाव का माहौल
2026-08-30
-
झांसी: बंद मकान में मिले वृद्ध दंपती के शव, जांच जारी
2026-08-30
-
मुझ पर इस मिट्टी का कर्ज था...IAS दिव्या मित्तल ने किया इमोशनल पोस्ट
2026-08-30
-
तेजी से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर, 32 जिलों में मौसम खराब
2026-08-30
-
झांसी मंडल में 856 युवाओं को मिलेगा मौका, ऐसे करें आवेदन
2026-08-29