चप्पल पहनकर प्रतिमा पर पुष्प अर्पण, भड़के लोग, आयोग और सीएम पोर्टल तक पहुंची शिकायत
खबर सार :-
सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के नवाडिया दुर्जनपुर गाँव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, एक कथित घटना जिसमें एक व्यक्ति ने चप्पल पहने हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए जिसने पूरे इलाके में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
खबर विस्तार : -
पीलीभीत: अंबेडकर जयंती के अवसर पर हुई एक कथित विवादित घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र के ग्राम नवदिया दुर्जनपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर चप्पल पहनकर पुष्प अर्पित करने का मामला सामने आया है। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है और मामला अब स्थानीय स्तर से निकलकर उच्च संस्थानों तक पहुंच गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान हुई इस घटना की तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, लोगों में गहरा रोष फैल गया। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसे महापुरुष का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की है। लोगों का कहना है कि इस तरह का कृत्य न केवल असम्मानजनक है, बल्कि समाज में वैमनस्य फैलाने वाला भी है, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
इस पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने सक्रियता दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक पीलीभीत को संबोधित एक विस्तृत प्रार्थना पत्र तैयार किया। हालांकि, इसे सीधे कार्यालय में देने के बजाय ऑनलाइन माध्यम से अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज कराया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद आयोग ने इसे स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद मामला अब संस्थागत स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
सख्त व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर भी इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है और आरोपी के खिलाफ सख्त व निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में तनाव और वैमनस्य पैदा कर सकती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो इससे सामाजिक संतुलन बिगड़ सकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
सीएम कार्यालय तक पहुंची शिकायत
शिकायतकर्ता ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह एक उदाहरण बने और आगे कोई भी व्यक्ति महापुरुषों की गरिमा के साथ इस तरह का व्यवहार करने की हिम्मत न कर सके।
अब जब यह मामला अनुसूचित जाति आयोग और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच चुका है, तो प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि इस संवेदनशील मामले में कितनी तेजी और गंभीरता से कदम उठाए जाते हैं।
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