नेपाल से छोड़ा गया पानी महराजगंज में बना मुसीबत़, कई गांव हुए जलमग्न, रेस्क्यू टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला

खबर सार :-

महराजगंज, नेपाल से छोड़ा गया पानी महाराजगंज के लोगों के लिए मुसीबत बन गया। इससे क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इनको परेशानी से बचाने के लिए रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।
nepal के पहाड़ों पर बारिश बनी up के लोगों पर आफत, घरों तक पहुंचा नदियों का पानी

खबर विस्तार : -

महराजगंज, नेपाल के पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। यह पानी वहां से नदियों के जरिए छोड़ा जा रहा है। इससे महाराजगंज में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया और इसने उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में बाढ़ का रूप ले लिया है। इसकी वजह से जन-जीवन प्रभावित होने लगा। नदी का पानी जिले के तीन गांवों में घुस गया। यहां पर करीब 5 हजार आबादी को कई तरह की दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

इन परिस्थितियों की जानकारी रेस्क्यू टीमों को हुई तो वह मौके पर पहुंची। एक-एक कर सभी को प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ की मदद से प्रभावित इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इन लोगों को कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन-पीने की व्यवस्था दी जा रही है। यहां मेडिकल टीम भी तैनाती की गई है।

नेपाल में पहाड़ों की बारिश बनी आफत

नुकसान से बचाने के लिए नेपाल से निकलने वाली नदियों और वाल्मीकि बैराज के जलस्तर पर प्रशासन अब लगातार निगरानी बनाए हुए है। एडीएम प्रशांत कुमार ने बताया कि नेपाल के पहाड़ों में बारिश चल रही है। इसके कारण वहां से पानी छोड़ा जा रहा है। महराजगंज जनपद में नारायणी नदी के जलस्तर ने पिछले 40 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि वाल्मीकि बैराज से लगभग पांच लाख से अधिक क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों की परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों की टीम को अलर्ट किया है। यह टीमें प्रभावित गांवों में राहत व बचाव कार्य निपटा रही हैं। जहां पानी अधिक है, वहां से लोगों को निकाला जा रहा है। 

कई दर्जन गांव बाढ़ से प्रभावित

बाढ़ का रूप ले चुकी नारायणी नदी की की चपेट में सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा एवं निचलौल तहसील क्षेत्र के टेलफाल के समीप गेड़हवा गांव आदि हैं। इन क्षेत्रों में पानी घुस गया है। इस कारण दर्जनों घर पानी में डूबे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है,। इधर, एडीएम प्रशांत कुमार ने वर्तमान जलस्तर और पानी के बहाव के संबंध में बताया कि दोनों परिस्थितियां चल रही हैं। हमारा ध्यान है कि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने पाए।

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पानी में खराब हो रहीं घरों की वस्तुएं

प्रशासन की ओर से बनाई गई टीमांें ने अपना काम शुरू कर रखा है। लोगों को वह पानी से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा रही हैं। यहां सवाल यह है कि जो लोग अपने घरों को छोड़ रहे हैं, उनके सामान की निगरानी कैसे की जाएगी। उनका घर का सामन पहले से ही पानी में है। जो सामान नहीं लेकर जाया जा सकता है, लेकिन वह खराब हो सकता है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेहनत से तैयार की गई वस्तुएं इसी तरह से खराब होने लगती हैं। प्रशासन भी ज्यादा उपाय नहीं कर रहा है। दर्जनों परिवार इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। 

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