लखनऊ में ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच-लैंग्वेज प्रैक्टिशनर्स का सम्मेलन, असीम अरुण ने किया शुभारंभ
खबर सार :-
लखनऊ में इंडियन स्पीच-लैंग्वेज एंड हियरिंग एसोसिएशन (ISHA) ने ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। राज्य मंत्री असीम अरुण ने उद्घाटन किया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने संवाद और स्वास्थ्य सेवाओं में ऑडियोलॉजिस्ट की भूमिका पर जोर दिया।
खबर विस्तार : -
लखनऊ: इंडियन स्पीच-लैंग्वेज एंड हियरिंग एसोसिएशन (ISHA) द्वारा आयोजित ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन सीआरसी, लखनऊ, उत्तर प्रदेश में किया गया।
मंत्री असीम अरुण ने किया संबोधित
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री असीम अरुण ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद आयोजकों ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में मंत्री असीम अरुण ने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिसमें ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि व्यक्तित्व विकास और सामाजिक सहभागिता के लिए प्रभावी संवाद क्षमता बेहद जरूरी है।
पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि सामाजिक विकास में संवाद की अहम भूमिका है। यदि किसी व्यक्ति की आवाज़ या बोलने की क्षमता प्रभावित होती है, तो वह अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता। उन्होंने सुझाव दिया कि RCI द्वारा पंजीकृत विशेषज्ञों की रिपोर्ट को मेडिकल प्रैक्टिशनर्स और प्रशासन द्वारा मान्यता दी जाए।
मरीजों को बेहतर सेवाएं देने का संकल्प
सम्मेलन में प्रो. हिमांशु शेख झा, श्री हिमांशु सिंह, डॉ. नूरैन आलम, डॉ. मणि रत्नम, डॉ. नेहा, डॉ. तारीक, डॉ. बिंदु, डॉ. अविनाश और राजीव रंजन सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए डॉ. एस.पी. गोस्वामी ने कहा कि यह केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक आंदोलन है। इसका उद्देश्य ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच-लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट को एकजुट करना और प्राइवेट प्रैक्टिशनर्स को सशक्त बनाना है। इससे पूरे उत्तर प्रदेश और देश में मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और राष्ट्र निर्माण में योगदान मिलेगा।
ISHA को इस सम्मेलन में ओटोलैरिंगोलॉजिस्ट (ENT) एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, फिजियोथेरेपी एसोसिएशन और साइकोलॉजिस्ट एसोसिएशन का भी सहयोग प्राप्त हुआ। इस सम्मेलन को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रैक्टिशनर्स को सशक्त बनाना और मरीजों को बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करना था।
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