केदारनाथ धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालु, 12.70 लाख भक्तों ने किए बाबा केदार के दर्शन

खबर सार :-
उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। छुट्टी और वीकेंड में यहां दूर-दूर से भक्त आ रहे हैं और बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालु यहां की व्यवस्थाओं की भी सराहना कर रहे हैं।
केदारनाथ धाम में रिकॉर्ड श्रद्धालु, 12.70 लाख भक्तों ने किए बाबा केदार के दर्शन
खबर विस्तार : -

देहरादून: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा अभी अपने चरम पर है। वीकेंड और छुट्टियों की वजह से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है; देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग बाबा केदार का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। 

आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार शाम 5 बजे तक लगभग 12 लाख 70 हजार 903 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन और पूजा-अर्चना की। केदारनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कई लोगों ने बताया कि बरसों से चली आ रही इच्छा पूरी होने पर उन्हें यहां आने का सौभाग्य मिला। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु भावुक दिखे और उन्होंने इस यात्रा को जीवनभर याद रहने वाला एक आध्यात्मिक अनुभव बताया।

केदारनाथ आने का अनुभव अलौकिक

एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि केदारनाथ धाम तक पैदल चढ़ाई करने और पूजा करने का अनुभव सचमुच अलौकिक है; यहां का माहौल बहुत ही दिव्य है। तीर्थयात्रियों ने प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि दर्शन, सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाएं संतोषजनक हैं और यात्रा सुचारू रूप से चल रही है।

जरूरी सुविधाओं की उचित व्यवस्था

केदारनाथ धाम पहुंचकर कई तीर्थयात्रियों ने इस अनुभव को स्वर्ग जैसा बताया। एक महिला श्रद्धालु ने व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए कहा कि जगह-जगह शौचालय और पीने के पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, साथ ही ठहरने के लिए किफायती विकल्प भी मौजूद हैं।

घोड़ों और खच्चरों की आवाजाही से परेशानी 

हालांकि, कुछ श्रद्धालुओं ने पैदल रास्ते पर घोड़ों और खच्चरों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई। तीर्थयात्रियों ने बताया कि कई जगहों पर इन जानवरों की आवाजाही से भीड़ हो जाती है और पैदल चलने वालों को परेशानी होती है, जिससे कभी-कभी धक्का-मुक्की भी हो जाती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि पैदल चलने वालों और जानवरों की आवाजाही के लिए बेहतर प्रबंधन के तरीके अपनाए जाएं ताकि यात्रा का अनुभव सुरक्षित और सुविधाजनक हो सके।

 

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