साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: 23 आरोपी गिरफ्तार, 120 मोबाइल और 9.20 लाख रुपये बरामद

खबर सार :-

झांसी में साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। 23 आरोपी गिरफ्तार, 120 मोबाइल, 35 डेबिट कार्ड और 9.20 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
पुलिस अधिकारी बनकर मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर करते थे ठगी, गिरफ्तार

खबर विस्तार : -

झांसी: साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत झांसी पुलिस ने एक कथित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। साइबर थाना पुलिस ने कटेरा थाना क्षेत्र के खौरियाना, मौरियाना और काडौर गांवों सहित आसपास के इलाकों में दबिश देकर 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य फोन पर खुद को पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी विभाग का कर्मचारी बताकर लोगों को मुकदमे में फंसाने अथवा गिरफ्तारी का डर दिखाते थे। इसके बाद कार्रवाई से बचाने के नाम पर पीड़ितों से रकम वसूली जाती थी।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और नकदी बरामद करने की जानकारी दी है। बरामद सामान में 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 20 आधार कार्ड, चार वोटर आईडी, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, 29 बैंक पासबुक और 13 बैंक कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा 284 ग्राम पीली धातु, 1,408 ग्राम सफेद धातु और 9 लाख 20 हजार 510 रुपये नकद बरामद किए जाने का दावा किया गया है।

गांव के युवाओं को जोड़कर तैयार किया नेटवर्क

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग स्थानों से लोगों को फोन करते थे। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी, सरकारी कर्मचारी या किसी अन्य विभाग का अधिकारी बताते थे। इसके बाद सामने वाले व्यक्ति को किसी मुकदमे में नाम आने या गिरफ्तारी की बात कहकर डराया जाता था।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित को कार्रवाई से बचाने के नाम पर रुपये मांगे जाते थे। रकम गिरोह द्वारा बताए गए बैंक खातों या अन्य माध्यमों से मंगाई जाती थी। पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्यों ने शुरुआत में छोटी-छोटी साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया। इसमें मुनाफा मिलने के बाद उन्होंने गांव के अन्य युवाओं को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर लिया। जांच में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार किन-किन स्थानों तक जुड़े हैं। साथ ही कथित ठगी के शिकार लोगों और ठगी गई रकम का भी ब्योरा जुटाया जा रहा है।

दबिश के बाद कई घरों में लटके ताले

पुलिस कार्रवाई के बाद संबंधित गांवों में हलचल का माहौल है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कुछ परिवार अपने घरों में ताला लगाकर चले गए, जबकि कुछ लोग रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। पुलिस की लगातार दबिश के कारण क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ गई हैं। पुलिस के अनुसार मामले में अभी 17 अन्य आरोपी वांछित हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

तीन गांवों से हुई गिरफ्तारियां

पुलिस के मुताबिक काडौर निवासी राजू यादव, नीतिश यादव, धीरेन्द्र यादव, बुजेंद्र यादव, प्रदीप यादव, लाल सिंह उर्फ लक्ष्मण यादव, संजय सिंह यादव, अर्जुन यादव, शिवम उर्फ सत्यम यादव, कुलदीप यादव, कृष्ण प्रताप सिंह, रणविजय यादव, रक्षपाल यादव, रोहित सिंह यादव और उमाशंकर यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, खौरियाना निवासी ऋतिक यादव, अभिषेक यादव, पहलवान सिंह, दीपक यादव, कुलदीप यादव और सौरभ सिंह तथा मौरयाना निवासी सतीश यादव, अजय यादव और बृजेश यादव को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

घरों के बाहर कुत्ते बांधकर रखते थे

पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने अपनी गतिविधियों को छिपाने और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए घरों के बाहर कुत्ते बांध रखे थे। कोई अनजान व्यक्ति घर की ओर आता तो कुत्तों के भौंकने से गिरोह के सदस्य सतर्क हो जाते थे। पुलिस का दावा है कि कई बार आरोपी पिछले दरवाजे से निकलकर भाग जाते थे। पुलिस के अनुसार करीब एक महीने तक चली जांच के दौरान इस तरह की जानकारी सामने आई। गांवों की भौगोलिक स्थिति भी आरोपियों के लिए मददगार बताई जा रही है। क्षेत्र के आसपास पहाड़ी और जंगल वाले इलाके हैं तथा मध्य प्रदेश की सीमा भी नजदीक है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कार्रवाई से बचने के लिए इन इलाकों में छिप जाते थे।

साइबर ठगी की रकम से संपत्ति बनाने का दावा

पुलिस ने दावा किया है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों ने कथित साइबर ठगी से अर्जित रकम से जमीन, मकान, चार पहिया वाहन, बाइक और अन्य सामान खरीदा। अब पुलिस ऐसी संपत्तियों को चिह्नित करने की प्रक्रिया में जुटी है। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित ठगी से कितनी रकम अर्जित की गई और उससे किन-किन संपत्तियों का निर्माण या खरीद की गई। बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

हिरासत को लेकर सियासत, पुलिस लाइन पहुंचे नेता

साइबर ठगी के शक में ग्रामीणों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने का मामला भी राजनीतिक रूप से चर्चा में आ गया। शनिवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव, चंद्रप्रकाश मिश्रा समेत अन्य नेता पुलिस लाइन पहुंचे और अधिकारियों से हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में जानकारी ली। नेताओं ने कहा कि साइबर ठगी में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष ग्रामीण को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। इस पर पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। एएसपी अरीबा नोमान के अनुसार करीब 60 लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया है। इन लोगों से कथित गिरोह के नेटवर्क, संदिग्धों और अन्य संभावित गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

मामले में साइबर थाना झांसी में मुकदमा अपराध संख्या 18/2026 के तहत धारा 318(4), 335, 336(3), 340(2), 317(5) बीएनएस और 66(डी) आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों, एटीएम, डेबिट कार्ड, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है। मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट समेत बरामद डिजिटल उपकरणों का तकनीकी परीक्षण भी कराया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस कथित ठगी की रकम के लेनदेन, संभावित पीड़ितों की संख्या और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने कितने लोगों को फोन किया और कितने लोग उनकी ठगी का शिकार हुए।

पांच सीओ और 10 थानों की पुलिस ने संभाला मोर्चा

अभियान को अंजाम देने के लिए जिले के पांच क्षेत्राधिकारियों और 10 थानों की पुलिस को लगाया गया था। कार्रवाई में एसपी सिटी प्रीति सिंह, एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार और एसपी साइबर क्राइम अरीबा नोमान के साथ पांच क्षेत्राधिकारी एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र यादव शामिल रहे।

इसके अलावा नवाबाद प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव, कोतवाली प्रभारी अंजनी कुमार, सीपरी बाजार प्रभारी जय प्रकाश चौबे, बड़ागांव प्रभारी वेद प्रकाश पांडेय, प्रेमनगर प्रभारी तुलसीराम पांडेय, बबीना थानाध्यक्ष राहुल राठौर, बरुआसागर प्रभारी प्रकाश सिंह, महिला थाना प्रभारी नीतू और रक्सा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ अभियान में शामिल रहे। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई में करीब 200 पुलिसकर्मी और दो कंपनी पीएसी भी शामिल रही।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम

कथित साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश कर कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। एसएसपी ने पुलिस टीम की कार्रवाई को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को मजबूती मिली है।

पुलिस की अपील

झांसी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति फोन पर खुद को पुलिस, सीबीआई, क्राइम ब्रांच, न्यायालय या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर मुकदमे में फंसाने अथवा गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए पैसे मांगता है तो घबराकर रकम न दें। पुलिस ने लोगों से ऐसे फोन कॉल, मैसेज या वीडियो कॉल की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर क्राइम पुलिस को देने की अपील की है। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने और किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी गई है।

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