दिव्यांगजनों के लिए 10 से 20 अगस्त तक लगेंगे चिन्हांकन शिविर, योजनाओं का मिलेगा लाभ

खबर सार :-

झांसी में 10 से 20 अगस्त तक दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर लगेंगे। पात्र दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, पेंशन समेत योजनाओं का लाभ मिलेगा।
झांसी में 10 से 20 अगस्त तक लगेंगे चिन्हांकन शिविर

खबर विस्तार : -

झांसीः जिले के विभिन्न विकासखंडों में 10 से 20 अगस्त तक दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र दिव्यांगजनों का पंजीकरण कर उन्हें कृत्रिम अंग, सहायक उपकरण, मोटराइज्ड व ई-ट्राईसाइकिल समेत दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। शिविरों का आयोजन सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने बताया कि शिविरों का उद्देश्य विभागीय योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों तक पहुंचाना है। शिविरों में ट्राईसाइकिल, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ई-ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, छड़ी, नेत्रहीन छड़ी, कान की मशीन, लेप्रोसी किट, ब्रेल किट, एमआर किट, स्मार्टफोन और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए टैबलेट आदि के लिए पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाएगा।

इन स्थानों पर लगेंगे शिविर

जिले में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अगस्त को बामौर, 11 अगस्त को बबीना, 12 अगस्त को बंगरा, 13 अगस्त को मऊरानीपुर और 14 अगस्त को बड़ागांव में शिविर लगाया जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त को मोंठ, 18 अगस्त को बड़ागांव, 19 अगस्त को सदर तहसील झांसी और 20 अगस्त को गुरसराय में चिन्हांकन शिविर आयोजित होगा।

मोटराइज्ड और ई-ट्राईसाइकिल के लिए भी पंजीकरण

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल और ई-ट्राईसाइकिल योजना के तहत 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले ऐसे पात्र दिव्यांगजन, जिनका कमर के ऊपर का हिस्सा पूर्णतः स्वस्थ है, पंजीकरण करा सकेंगे। इसके अलावा 16 वर्ष से अधिक आयु की शैक्षिक संस्थानों में अध्ययनरत दिव्यांग छात्राओं का भी ई-ट्राईसाइकिल के लिए पंजीकरण किया जाएगा। शिविरों में दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन से वंचित पात्र लोगों का भी चिन्हांकन किया जाएगा, ताकि उन्हें पेंशन योजना से जोड़ा जा सके। वहीं, एक अप्रैल 2025 के बाद विवाह करने वाले पात्र दिव्यांग पति-पत्नी या दंपत्तियों का दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत चिन्हांकन किया जाएगा। योजना के अंतर्गत पात्रता के अनुसार 15 हजार, 20 हजार और 35 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

दुकान संचालन के लिए ऋण की सुविधा

दुकान निर्माण एवं संचालन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को दुकान संचालन के लिए 10 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराने के लिए भी शिविरों में पंजीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही यूडीआईडी कार्ड के लाभ और उसे बनवाने की प्रक्रिया के संबंध में भी लाभार्थियों को जानकारी दी जाएगी।

पांच वर्ष तक के मूकबधिर बच्चों का होगा चिन्हांकन

शल्य चिकित्सा योजना के तहत पांच वर्ष तक की आयु के मूकबधिर दिव्यांग बच्चों का भी चिन्हांकन किया जाएगा। पात्र बच्चों का निःशुल्क कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए पंजीकरण कराया जाएगा। इससे ऐसे बच्चों को समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पात्र लोगों से निर्धारित तिथियों पर अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर पंजीकरण कराने की अपील की है।

ये दस्तावेज साथ लाना जरूरी

शिविर में पंजीकरण कराने वाले लाभार्थियों को 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, आय प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड और नवीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना होगा। इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार शैक्षिक संस्थान या अन्य संबंधित प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे। अधिकारियों ने पात्र दिव्यांगजनों से सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

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