झाँसी में जिला प्रशासन की पहल: रक्सा की दुकानों का होगा दोबारा ऑक्शन, पंचायतों की आय बढ़ाने के निर्देश

खबर सार :-

झाँसी में जिलाधिकारी गौरांग राठी की समीक्षा बैठक में रक्सा की दुकानों का पारदर्शी ऑक्शन कराने और ग्रामीण पंचायतों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
झाँसी में रक्सा दुकानों का ऑक्शन और पंचायतों की आय बढ़ाने के निर्देश

खबर विस्तार : -

झाँसी: झाँसी के कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में आयोजित जिला स्वच्छता समिति एवं पंचायतीराज विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास और स्वच्छता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर राजस्व सृजन को बढ़ावा देना और जनसुविधाओं को बेहतर बनाना है।

जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए अपने स्रोतों से राजस्व यानी Own Source Revenue बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ग्रामीण हाट बाजार स्थापित करने और छोटी दुकानों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने की कार्ययोजना तैयार करें।

रक्सा दुकानों का पारदर्शी ऑक्शन और लापरवाही पर कार्रवाई

बैठक के दौरान रक्सा गांव में रूलर मार्ट के तहत बनी दुकानों के आवंटन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन दुकानों के लिए नए सिरे से आवेदन लिए जाएं और पूरी तरह से खुली एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत इनका ऑक्शन कराया जाए। इसके साथ ही, यदि इस प्रक्रिया में संबंधित सचिव या ग्राम प्रधान के स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पंचायतों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए भी रूपरेखा तैयार की गई है। इसके तहत जनपद के बड़े बाजारों को चिन्हित कर वहां ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि स्वच्छता बनाए रखने के साथ स्थानीय स्तर पर राजस्व भी जुटाया जा सके।

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शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों तक बेहतर संपर्क मार्ग

15वें केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत चल रही योजनाओं की समीक्षा के दौरान यह तय किया गया कि क्षेत्र पंचायतों के माध्यम से ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए जिनका सीधा फायदा आम ग्रामीणों को मिले। निर्देश दिए गए हैं कि सभी स्कूलों, इंटर कॉलेजों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों तक पक्की अप्रोच रोड बनाई जाए।

इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी खंड विकास अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि क्षेत्र के सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उप-केंद्रों और आरोग्य मंदिरों को हर घर नल जल योजना से जोड़ा जाए ताकि वहां शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता बनी रहे।

डिजिटल लाइब्रेरी और स्वच्छता अभियानों की रूपरेखा

ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्थापित डिजिटल लाइब्रेरियों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का निर्देश है कि इन लाइब्रेरियों को केवल पठन-पाठन तक सीमित न रखकर कोचिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके।

अन्य विकास कार्य

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ-साथ 'स्वच्छता ही सेवा वर्ष-2026' के कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। इन आयोजनों में स्वच्छ पाठशाला, युवा फॉर स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, जनभागीदारी अभियान, खेल आयोजनों के बाद सफाई, पर्यटन स्थलों की सफाई, वर्ल्ड टूरिज्म डे, सफाई मित्र सुरक्षा शिविर और 'एक दिन-एक घंटा-एक साथ' स्वच्छ भारत दिवस जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विकासखंड मोंठ में 15वें वित्त आयोग और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान के तहत खर्च की गई धनराशि का पूरा और विस्तृत विवरण भी मांगा गया है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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