उतार-चढ़ाव के बीच डाकघर की बचत योजनाओं पर बढ़ा भरोसा, झांसी मंडल में 15 लाख से अधिक सक्रिय खाते
खबर सार :-
शेयर बाजार और महंगाई के बीच झांसी मंडल में डाकघर की बचत योजनाओं का आकर्षण बढ़ा है। मार्च 2026 तक मंडल में सक्रिय खातों की संख्या 15 लाख से अधिक पहुंच गई।
खबर विस्तार : -
झांसी: पिछले तीन-चार वर्षों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, वित्तीय बाजार में उतार-चढ़ाव और महंगाई के असर के बीच आम निवेशकों का भरोसा डाकघर की बचत योजनाओं पर बढ़ता दिखाई दे रहा है। शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में लगातार उतार-चढ़ाव के माहौल में मध्यम वर्गीय निवेशक अपेक्षाकृत सुरक्षित और निश्चित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
झांसी मंडल में भी इसका असर डाकघर की बचत योजनाओं में देखने को मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन वर्षों में आवर्ती जमा (आरडी), लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि योजना के खातों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। मार्च 2026 तक झांसी, ललितपुर और जालौन जिलों में इन प्रमुख योजनाओं के खातों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं, झांसी मंडल में डाक विभाग की विभिन्न बचत योजनाओं के तहत सक्रिय खातों की संख्या 15 लाख से अधिक हो गई है।
आरडी, पीपीएफ और सुकन्या योजना में बढ़ी दिलचस्पी
विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2023-24 की तुलना में वर्ष 2025-26 तक पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि और आरडी खातों में लगातार वृद्धि हुई है। इससे संकेत मिलता है कि लोग अब केवल बाजार आधारित निवेश पर निर्भर रहने के बजाय लंबी अवधि की बचत और अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषकर मध्यम वर्गीय परिवारों में बच्चों की शिक्षा, विवाह, भविष्य की जरूरतों और नियमित बचत के लिए डाकघर की योजनाओं को उपयोगी विकल्प माना जा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत करने वाले परिवारों को आकर्षित किया है, जबकि पीपीएफ को लंबी अवधि की बचत के लिए पसंद किया जा रहा है।
कई योजनाओं में निवेश का विकल्प
डाक विभाग के अनुसार बचत खाता, आरडी, मासिक आय योजना, सावधि जमा, सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र सहित विभिन्न योजनाओं में निवेश किया जा सकता है। इन योजनाओं में खाता खोलने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान होने, सीमित दस्तावेजों की आवश्यकता और निर्धारित नियमों के तहत ब्याज मिलने के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। डाक विभाग के अनुसार डाकघर बचत खाते पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलता है। वहीं इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से लिंक होने पर ग्राहकों को विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं का लाभ भी मिल सकता है।
सुरक्षित और निश्चित रिटर्न की तलाश
वित्तीय बाजार में अस्थिरता के बीच निवेशकों का एक वर्ग ऐसा भी है जो अधिक जोखिम लेने के बजाय अपने धन की सुरक्षा और निर्धारित रिटर्न को प्राथमिकता देता है। डाक विभाग का मानना है कि इसी वजह से पिछले कुछ वर्षों में बचत योजनाओं की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। विभागीय आंकड़ों में भी यह बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच प्रमुख बचत योजनाओं में खातों की संख्या बढ़ना इस बात का संकेत है कि लोगों में दीर्घकालिक और व्यवस्थित बचत की प्रवृत्ति मजबूत हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ रही पहुंच
डाकघर की योजनाओं की एक खासियत यह है कि इनकी पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों तक है। छोटे शहरों और गांवों में रहने वाले लोगों के लिए नजदीकी डाकघर के माध्यम से बचत और निवेश की सुविधा उपलब्ध होने से भी इन योजनाओं को लाभ मिल रहा है। डाक विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी आय, जरूरत और भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों के अनुसार योजना का चयन करने के लिए नजदीकी डाकघर से जानकारी प्राप्त करें।
डाक विभाग ने बताया भरोसेमंद विकल्प
प्रबल डाक अधीक्षक, झांसी वरुण मिश्रा ने कहा कि डाक विभाग की बचत योजनाओं में निवेश निर्धारित सरकारी नियमों के तहत किया जाता है और योजनाओं की शर्तों के अनुसार रिटर्न मिलता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे लोगों के लिए डाकघर की बचत योजनाएं भरोसेमंद विकल्प हो सकती हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी योजना में निवेश करने से पहले उसकी अवधि, ब्याज दर, निकासी के नियम और अपनी वित्तीय जरूरतों को समझकर ही निर्णय लें। बाजार में लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच झांसी मंडल में डाकघर की बचत योजनाओं में बढ़ती भागीदारी यह संकेत दे रही है कि निवेशकों का एक बड़ा वर्ग अब जोखिम के बजाय सुरक्षित, व्यवस्थित और दीर्घकालिक बचत को प्राथमिकता दे रहा है।
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