जयपुर–कोटा हाईवे पर देर रात शराब बिक्री, यूनिवर्सिटी के सामने ठेके पर उठे सवाल
खबर सार :-
हाईवे पर होने वाली गतिविधियों से रोड सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ गई है, 75-मीटर के नियम के बीच एडमिनिस्ट्रेशन का रोल भी जांच के दायरे में है। जयपुर-कोटा हाईवे पर देर रात शराब की बिक्री पर चर्चा हो रही है, और यूनिवर्सिटी के सामने शराब की दुकान को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
खबर विस्तार : -
जयपुरः जयपुर–कोटा नेशनल हाईवे पर स्थित जगन्नाथ यूनिवर्सिटी के सामने संचालित एक शराब ठेके को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यहां देर रात तक शराब बिक्री जारी रहती है और निर्धारित समय के बाद भी गतिविधियां चलती हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा अभी तक नहीं की गई है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि कई बार रात 10 बजे के बाद भी यहां शराब उपलब्ध कराई जाती है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि देर रात अधिक कीमत लेकर शराब बेचे जाने की घटनाएं सामने आई हैं। मौके पर आसपास के क्षेत्र में देर रात हलचल देखे जाने की बात भी कही जा रही है। हालांकि इन दावों की पुष्टि के लिए प्रशासनिक जांच आवश्यक मानी जा रही है।
चर्चा का विषय यह भी है कि आमतौर पर देर रात शराब की बिक्री गुपचुप तरीके से होती है, लेकिन यहां खुले तौर पर शटर खोलकर बिक्री होने की बात कही जा रही है। कुछ स्थानीय लोगों ने तस्वीरों के माध्यम से भी देर रात गतिविधियों का दावा किया है।
इस शराब ठेके की स्थिति को लेकर सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। यह ठेका नेशनल हाईवे के बेहद करीब बताया जा रहा है, जहां देर रात वाहनों की आवाजाही के बीच गाड़ियों के रुकने और भीड़ लगने की बात सामने आई है। अचानक वाहनों के रुकने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
गौरतलब है कि यह मार्ग प्रदेश के व्यस्ततम हाईवे में शामिल है, जहां भारी वाहनों और यात्री बसों की लगातार आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क किनारे भीड़भाड़ और अनियंत्रित गतिविधियां किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
कोर्ट के आदेश की अवहेलना
स्थानीय लोगों ने यह भी याद दिलाया कि इसी क्षेत्र के करीब हाल ही में एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें ट्रक और कार की टक्कर में पांच लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता पहले ही बढ़ी हुई है।
सड़क सुरक्षा को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने नेशनल हाईवे के मीडियन से दोनों ओर 75 मीटर के दायरे में आने वाली अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गतिविधि सड़क सुरक्षा को प्रभावित करती है तो प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।
इसके अलावा उच्चतम न्यायालय द्वारा 2016 में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से 500 मीटर के भीतर शराब दुकानों पर रोक लगाने का आदेश भी दिया गया था। हालांकि बाद में कुछ शर्तों के साथ शहरी क्षेत्रों में छूट प्रदान की गई थी, लेकिन इसके बावजूद नियमों के पालन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
यूनिवर्सिटी के पास छात्र-छात्राओं पर गलत असर
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित शराब ठेकों और उनकी शाखाओं की संख्या को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग यह सार्वजनिक करे कि कौन-से ठेके वैध हैं और क्या सभी निर्धारित नियमों का पालन कर रहे हैं।
शराब ठेका एक शैक्षणिक संस्थान के पास स्थित होने के कारण सामाजिक दृष्टि से भी चिंता का विषय बन गया है। यूनिवर्सिटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की आवाजाही रहती है, जिससे स्थानीय लोग इसे संवेदनशील मामला मान रहे हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के तहत हो रहा है तो प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, और यदि किसी प्रकार की अनियमितता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी या मामला केवल चर्चाओं तक ही सीमित रह जाएगा।
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