Gwalior Zoo: ग्वालियर जू में बढ़ा सफेद बाघों का कुनबा, बाघिन 'मीरा' ने दिए 3 शावकों को जन्म
खबर सार :-
Gwalior Zoo: ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में सफेद बाघिन मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया। मीरा ने दो रॉयल बेंगल्स और एक सफेद शावक को जन्म दिया है। तीनों शावक एक माह तक चिड़ियाघर प्रबंधन की निगरानी में रहेंगे।
खबर विस्तार : -
Gwalior Zoo: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में सफेद बाघिन मीरा ने रविवार को तीन शावकों को जन्म दिया। इनमें दो रॉयल बेंगल्स और एक सफेद बाघ शावक शामिल हैं। सभी शावक स्वस्थ हैं। इस जन्म के साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है।
चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उपेन्द्र यादव ने बताया कि रविवार दोपहर करीब दो बजे बाघिन मीरा ने तीन शावकों को जन्म दिया। सभी शावक स्वस्थ हैं और उनकी मां मीरा भी सुरक्षित हैं। उन्होंने पुष्टि की कि पैदा हुए शावक दो रॉयल बंगाल (पीला) और एक सफेद बाघ थे। प्रसव के बाद से ही मीरा और उसके शावकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
Gwalior Zoo: 10 हुई सफेद बाघों की संख्या
गांधी उद्यान के क्यूरेटर गौरव परिहार ने बताया कि नवजात शावकों को सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से आइसोलेशन में रखा गया है. उन्हें बाहरी संपर्क से दूर रखा जाएगा और विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है। मीरा को बेहतर रिकवरी के लिए हल्का और पौष्टिक आहार भी दिया जा रहा है। तीन नए शावकों के जन्म के बाद गांधी प्राणी उद्यान में बाघों की कुल संख्या 10 हो गई है। इनमें चार सफेद और छह रॉयल बंगाल बाघ शामिल हैं। कुल संख्या 4 नर, 3 मादा और 3 नवजात शावक हैं।
नवजात शावकों की देखभाल के लिए अतिरिक्त व्यवस्था
ग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया के निर्देश पर चिड़ियाघर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। नवजात शावकों की देखभाल के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मानकों का भी सख्ती से पालन किया जा रहा है।
1922 में हुई थी गांधी प्राणी उद्यान की स्थापना
बता दें कि, गांधी प्राणी उद्यान (ग्वालियर चिड़ियाघर) 1922 में सिंधिया राजघराने द्वारा स्थापित एक प्रमुख वन्यजीव स्थल है, जो फूल बाग के पास स्थित है। यह दुर्लभ सफेद बाघ, एशियाई शेर, भालू और दरियाई घोड़े सहित विभिन्न देशी और विदेशी प्रजातियों का घर है। बच्चों और परिवार के साथ घूमने के लिए यह जगह बहुत अच्छी है। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में भारत में लगभग 100 सफेद बाघ हैं, जो मुख्य रूप से विभिन्न चिड़ियाघरों और सफारी पार्कों में कैद में रह रहे हैं। वे अब जंगलों में लगभग विलुप्त हो चुके हैं। ये जीव वैज्ञानिक रूप से बंगाल टाइगर का आनुवंशिक रूप हैं। इन्हें विशेष रूप से मध्य प्रदेश (जैसे रीवा), असम, पश्चिम बंगाल और बिहार के चिड़ियाघरों में देखा जा सकता है।
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