ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी फर्नीचर मार्केट में धू-धू कर जल उठी दुकान, युवक की मौत, एक की हालत गंभीर

खबर सार :-

नोएडा के शाहबेरी गांव में स्थित एक फर्नीचर की दुकान में शुक्रवार सुबह आग लग गई। दुकान से दो युवकों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया, जिसमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
ग्रेटर नोएडा में लकड़ी की दुकान पर लगी भीषण आग, एक की मौत

खबर विस्तार : -

ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख पुलिस स्टेशन इलाके में शाहबेरी फर्नीचर मार्केट की एक लकड़ी काटने वाली दुकान में गुरुवार देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग तेजी से फैल गई और धुएं व लपटों के बीच दुकान के अंदर दो युवक फंस गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बिजली विभाग से तालमेल बिठाकर इलाके की बिजली सप्लाई काटी गई, जिसके बाद फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की।

पुलिस के मुताबिक, 13-14 अगस्त की रात शाहबेरी में लकड़ी काटने वाली दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। आग की सूचना पाकर मौके पर दमकल विभाग की 6 गाड़ियां और स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। दो लोगों के अंदर फंसे होने की जानकारी मिलने पर फायर फाइटर्स ने बचाव अभियान शुरू किया।

इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दम

फायर सर्विस टीम ने दुकान से अल्तमस और अमन नाम के दो युवकों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। दोनों को इलाज के लिए तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अल्तमस को मृत घोषित कर दिया, जबकि अमन की हालत गंभीर बनी हुई है; शुरुआती इलाज के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

घटना के कारणों की जांच शुरू

शुरुआती रिपोर्टों में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है; हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही सही कारण की पुष्टि हो पाएगी। आग इतनी तेजी से फैली कि जल्द ही पूरी दुकान धुएं और लपटों की चपेट में आ गई। लकड़ी और फर्नीचर से जुड़े सामान की मौजूदगी के कारण आग तेजी से भड़क गई। काफी मशक्कत के बाद फायर फाइटर्स ने आग को पूरी तरह बुझा दिया और इसे आस-पास की दुकानों तक फैलने से रोक दिया।

अवैध रुप से चल रहीं सैकड़ों दुकानें

अच्छी बात यह रही कि फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आग को आस-पास के इलाकों में फैलने से पहले ही काबू में कर लिया गया। शाहबेरी इलाके में बड़ी संख्या में फर्नीचर की दुकानें और लकड़ी से जुड़े कारोबार चलते हैं। स्थानीय स्तर पर अक्सर यह आरोप लगते रहे हैं कि इलाके में सैकड़ों फर्नीचर की दुकानें और वर्कशॉप अवैध रूप से चल रही हैं। इन दुकानों में लकड़ी, प्लाईवुड, फोम और अन्य ज्वलनशील पदार्थ बड़ी मात्रा में रखे जाते हैं, जिससे आग लगने की स्थिति में जान-माल के भारी नुकसान का खतरा हमेशा बना रहता है।

सुरक्षा उपायों को लेकर उठे सवाल

इस घटना ने शाहबेरी में चल रही फर्नीचर की दुकानों और लकड़ी काटने वाली इकाइयों में सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घनी आबादी और तंग गलियों वाले इलाके में कई दुकानें होने के कारण, आपातकालीन स्थिति में दमकल की गाड़ियों का घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

पहले भी हो चुकी हैं आग लगने की घटनाएं

इस बीच, पुलिस ने जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, और साथ ही दुकान के कामकाज और सुरक्षा मानकों के पालन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। इस घटना से शाहबेरी मार्केट में अफरातफरी मच गई। नियमों का उल्लंघन करके शाहबेरी गांव के पास बनाए गए इस फर्नीचर मार्केट में पहले भी कई बार भीषण आग लग चुकी है। पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की बार-बार चेतावनी के बावजूद यह अवैध मार्केट चल रहा है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी इसके खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रही है। इस मार्केट की वजह से इलाके में अक्सर ट्रैफिक जाम भी लगता है।

 

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