रंगदारी और डकैती मामले में फरार सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण ने किया न्यायालय में आत्मसमर्पण
खबर सार :-
रंगदारी और डकैती के मामले में एक महीने से फरार सपा के पूर्व विधायक दीप नारायण ने एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें 24 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
खबर विस्तार : -
झांसी : लगभग एक महीने से फरार चल रहे समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण ने गुरुवार सुबह अचानक न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। रंगदारी मांगने और डकैती के मामले में वांछित चल रहे पूर्व विधायक ने पुलिस और प्रशासन की निगरानी से बचते हुए सुबह करीब 10 बजे एमपी-एमएलए कोर्ट कक्ष के भीतर आत्मसमर्पण किया, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई। पूर्व विधायक के अधिवक्ता की ओर से प्रस्तुत आवेदन पर सुनवाई करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) जितेंद्र यादव की अदालत ने दीप नारायण को 24 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि मोठ थाना क्षेत्र के ग्राम भूजोंद निवासी प्रेम सिंह पालीवाल ने 22 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव, उनके रिश्तेदार अनिल यादव और अन्य सहयोगियों ने उनसे 32 हजार रुपये की लूट की और रंगदारी की मांग की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूर्व विधायक की गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे। पुलिस बीते एक महीने से पूर्व विधायक की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। उनके संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी गई, लेकिन हर बार पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। ऐसे में न्यायालय में अचानक आत्मसमर्पण को पुलिस और प्रशासन के लिए अप्रत्याशित घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस मामले को लेकर आईजी आकाश कुलहरी ने बताया कि जेल में दीपक यादव से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पूछताछ में यह जानने का प्रयास होगा कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से लेकर आत्मसमर्पण तक वे कहां-कहां रहे और उन्हें किन लोगों का सहयोग मिला। साथ ही इस पहलू की भी जांच की जाएगी कि कहीं किसी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका तो नहीं रही। जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक दीप नारायण पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न थानों में पांच दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जमीन पर अवैध कब्जा, धमकी देना, मारपीट, रंगदारी, लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
जेल भेजे जाने से पहले पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में पूर्व विधायक ने कहा कि उन्हें अपने ऊपर लगे आरोपों की पूरी जानकारी है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी। हालांकि आत्मसमर्पण के लिए आज का दिन क्यों चुना गया, इस सवाल का जवाब देने से पहले ही सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वाहन में बैठाकर जेल रवाना कर दिया।
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