अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग तेज, नौ सांसदों और 56 विधायकों का सामूहिक पुतला फूंका

खबर सार :-

झांसी में बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नौ सांसदों और 56 विधायकों का सामूहिक पुतला फूंका और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग तेज, नौ सांसदों और 56 विधायकों का सामूहिक पुतला फूंका

खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी में अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा ने जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अखंड बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ सांसदों और 56 विधायकों का सामूहिक पुतला फूंककर जनप्रतिनिधियों के प्रति अपना विरोध जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अलग राज्य की मांग को लेकर सरकार और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया।

विरोध के दौरान फूंका पुतला

प्रदर्शन के दौरान मोर्चा के कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए निर्धारित चौराहे तक पहुंचे। जैसे ही कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन का प्रयास किया, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तक धक्का-मुक्की और झूमा-झपटी भी हुई। हालांकि, विरोध के बीच कार्यकर्ता पुतले में आग लगाने में सफल रहे और प्रदर्शन जारी रखा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "कसम राम की खाते हैं, बुंदेलखंड राज्य बनवाएंगे" और "बुंदेलखंड तो लेंगे, जैसे दोगे वैसे लेंगे" जैसे नारे लगाए। पूरे प्रदर्शन के दौरान अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय ने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद और विधायक राज्य निर्माण के मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें अपने क्षेत्र की आवाज उठाने के लिए संसद और विधानसभा में भेजा है, लेकिन वे अपनी राजनीतिक पार्टियों के समक्ष बुंदेलखंड राज्य की मांग को प्रभावी ढंग से नहीं रख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि वास्तव में बुंदेलखंड के विकास के प्रति गंभीर हैं, तो उन्हें अलग राज्य की मांग का खुलकर समर्थन करना चाहिए। अन्यथा उन्हें जनता के सवालों और विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। भानू सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य बनने से क्षेत्र के विकास, रोजगार, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं में तेजी आएगी।

डिलीमिटेशन का उठाया मुद्दा

उन्होंने घोषणा की कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण आंदोलन को आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि संसद के वर्षाकालीन सत्र के दौरान प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और रक्षामंत्री के प्रतीकात्मक पुतले भी अलग-अलग स्थानों पर फूंके जाएंगे, ताकि केंद्र सरकार का ध्यान इस मांग की ओर आकर्षित किया जा सके।

मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है और तब तक जारी रहेगा, जब तक अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग पूरी नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी परिस्थिति में अपने आंदोलन को न तो रोकेगा और न ही कमजोर पड़ने देगा।

प्रदर्शन के दौरान मोर्चा ने प्रस्तावित परिसीमन (डिलीमिटेशन) का भी मुद्दा उठाया। संगठन का कहना है कि बढ़ती जनसंख्या और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ छोटे राज्यों के गठन पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि छोटे राज्यों के गठन से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

प्रदर्शन में मोर्चा के महामंत्री एडवोकेट अशोक सक्सेना, प्रवक्ता रघुराज शर्मा, एडवोकेट प्रदीप नाथ झा, हनीफ खान, रामजी सिंह परीक्षा, उत्कर्ष साहू, प्रदीप गुर्जर, एडवोकेट अनुराग मिश्रा, गोलू ठाकुर, प्रेम सपेरा, अभिषेक तिवारी, विजय रायकवार, शंकर रायकवार, प्रभूदयाल कुशवाहा, मोहम्मद शफीक, जिलाध्यक्ष अनिल कश्यप सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


यह भी पढ़ेंः-Barabanki: ट्रक की टक्कर से युवक की मौत के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन

अन्य प्रमुख खबरें