अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियां तेज, संतों और जन प्रतिनिधियों ने तैयारियों पर की चर्चा

खबर सार :-

अयोध्या में दीपोत्सव को भव्य और गरिमापूर्ण बनाने के लिए जिला प्रशासन तैयारियां कर रहा है। डीएम शशांक त्रिपाठी ने सोमवार को संतो और जन प्रतिनिधियों के साथ तैयारियों पर चर्चा की।
‘वैश्विक पहचान बना अयोध्या का दीपोत्सव’, संतों ने तैयारी पर की चर्चा

खबर विस्तार : -

अयोध्या: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्या में 'दीपोत्सव 2026' की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसका उद्देश्य इस आयोजन को दिव्य, भव्य और गरिमापूर्ण बनाना है। कार्यक्रम का आयोजन सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से हो, इसके लिए जिला प्रशासन संतों, महात्माओं और जन प्रतिनिधियों के सुझावों को शामिल करते हुए तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। 

इसी क्रम में, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने तुलसी उद्यान भवन में संतों और जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिसमें दीपोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देने के साथ-साथ उचित प्रकाश व्यवस्था और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी मौजूद थे।

वैश्विक पहचान बन चुका है अयोध्या का दीपोत्सव

बैठक के दौरान संतों ने कहा कि दीपोत्सव अब अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और उसकी वैश्विक पहचान का प्रतीक बन गया है। इस आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि यह आयोजन भव्य, गरिमापूर्ण और सुव्यवस्थित हो। संतों ने महात्माओं की आवाजाही, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

दीपोत्सव के बाद भी जारी रहेगा स्वच्छता अभियान

संतों ने सुझाव दिया कि न केवल दीपोत्सव के दौरान, बल्कि कार्यक्रम संपन्न होने के बाद भी एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाना चाहिए, ताकि वातावरण स्वच्छ रहे और अयोध्या की धार्मिक व सांस्कृतिक गरिमा बनी रहे। उन्होंने प्रमुख स्थानों पर ऐसे नक्शे (मैप) लगाने का भी प्रस्ताव दिया, जिनमें अयोध्या के विभिन्न धार्मिक और पर्यटन स्थलों को दर्शाया गया हो, जिससे श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो। इसके अलावा, श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए अन्य जिलों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, साथ ही आम जनता की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।

संतों ने मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया

संतों ने अयोध्या को एक नई वैश्विक पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने 'दीपोत्सव-2026' के सफल, भव्य और गरिमापूर्ण आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और जिला प्रशासन को अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। संतों ने टिप्पणी की कि दीपोत्सव अयोध्या की आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

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जनप्रतिनिधियों के सुझाव

बैठक के दौरान मेयर गिरीशपति त्रिपाठी और विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने भी अपने सुझाव साझा किये. उन्होंने दीपोत्सव को और भी भव्य और गरिमामय बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर अपना पूरा सहयोग और सक्रिय भागीदारी का वादा किया।

सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करना सुनिश्चित करें: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने संतों एवं जन प्रतिनिधियों के बहुमूल्य सुझावों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वच्छता के साथ-साथ प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सहित सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने इन सुझावों को लागू करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया कि कार्यक्रम व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आयोजित किया जाए। बैठक में स्वामी अवधेश कुमार दास (बड़ा भक्तमाल), गुरवीर सिंह सोढ़ी (ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा), महंत डॉ. भरत दास (उदासीन संगत आश्रम, रानोपाली), नंदराम दास जी महाराज (हनुमानगढ़ पट्टी), महंत रामदास (हनुमानगढ़, नाका), स्वामी अनंत पद्मनाभाचार्य (सुग्रीव किला), स्वामी सियाराम (हनुमत भवन), महंत सुरेशदास, राम लखन दास (दशरथ महल), महंत राय राम, शंकर दास (प्रतिनिधि, दशरथ महल), महंत गिरीश दास (डांडिया मंदिर), महंत आशुतोष दास (कामधेनु आश्रम), शिवम दास (बेतिया मंदिर), डॉ. महेश दास, महंत हेमंत दास, महंत रामचरण दास (महंत पट्टी बसंतिया), ज्ञानी चरणजीत सिंह (गुरुद्वारा ब्रह्मकुंड), महंत संदीप दास (उज्जैनिया पट्टी, हनुमानगढ़ी), राघवेंद्र दास, राघवाचार्य जी महाराज (प्रतिनिधि, रामलला सदन देवस्थान), और महंत रामशरण दास (रंग महल) सहित कई साधु-संत शामिल हुए।

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