भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन में UPMRC की उपलब्धि, मिला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पुरस्कार

खबर सार :-

भुवनेश्वर में संपन्न 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल पुरस्कार से नवाजा गया है। पवेलियन में प्रदर्शित मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन वॉल और स्मार्ट परिवहन पहलों को विशेष सराहना मिली।
UPMRC को UMI 2026 में मिला बेस्ट स्टॉल अवार्ड

खबर विस्तार : -

लखनऊ: शहरी परिवहन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी विशेष पहचान बनाई है। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित तीन दिवसीय 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (UMI) सम्मेलन एवं प्रदर्शनी के दौरान निगम को सर्वश्रेष्ठ स्टॉल श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त हुआ। यह आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक संपन्न हुआ, जहाँ देश भर की परिवहन प्रणालियों ने अपनी तकनीकों का प्रदर्शन किया।

मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन वॉल बनी आकर्षण का केंद्र

प्रदर्शनी स्थल पर बनाए गए UPMRC के पवेलियन में आगंतुकों का मुख्य आकर्षण मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन वॉल रही। इसके माध्यम से लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो सेवाओं की अन्य परिवहन माध्यमों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी को बेहद सरल और प्रभावी ढंग से दर्शाया गया था। इस प्रस्तुति ने यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार विभिन्न यात्रा साधनों के बीच निर्बाध समन्वय यात्रियों के सफर को सुगम बनाता है।

पवेलियन के भीतर यात्रियों को मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं, पर्यावरण अनुकूल पहलों और आगामी विस्तार योजनाओं का भी सिलसिलेवार विवरण दिया गया। इस अनूठी प्रस्तुति के जरिए यह समझाने का प्रयास किया गया कि टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन किस प्रकार शहरी आबादी की आवाजाही को बेहतर दिशा दे सकता है। राष्ट्रीय मंच पर इस प्रकार के प्रयासों को सराहा जाना निगम के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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डेटा गवर्नेंस और स्मार्ट परिवहन पर विशेष सत्र

सम्मेलन के तकनीकी सत्रों के दौरान UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने “डेटा गवर्नेंस और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट” विषय पर अपना मुख्य वक्तव्य दिया। उन्होंने 'विकसित भारत @ 2047' के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवहन नेटवर्क को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए डेटा आधारित निर्णय बेहद आवश्यक हैं। श्री कुमार ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक और डेटा के सही इस्तेमाल से सड़कों पर यातायात का दबाव कम किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कार्बन उत्सर्जन पर लगाम कसने और विभिन्न परिवहन प्रणालियों के बीच तालमेल बिठाने के तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।

सुरक्षित और सुलभ प्रणाली पर जोर

सत्र के दौरान प्रबंध निदेशक ने डेटा सुरक्षा और यात्रियों की निजता जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूचनाओं को साझा करते समय सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन होना चाहिए ताकि हर नागरिक के लिए एक सुरक्षित और सुलभ परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा सके।

UMI 2026 में मिला यह पुरस्कार लखनऊ, कानपुर और आगरा में यात्रियों को उच्च स्तरीय और टिकाऊ यात्रा विकल्प देने के संकल्प को और मजबूत करता है। यह सम्मान इस बात की तस्दीक करता है कि निगम तकनीकी नवाचारों के जरिए शहरी परिवहन को भविष्य की जरूरतों के अनुकूल ढालने में लगातार सफल हो रहा है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) की पहल पर हर वर्ष अर्बन मोबिलिटी India सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। यह मंच देश भर के नीति निर्माताओं, मेट्रो अधिकारियों और परिवहन विशेषज्ञों को एक साथ लाकर शहरी यातायात की चुनौतियों पर मंथन करने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

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